जबलपुर: देश के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में शामिल स्मार्ट सिटी मिशन के तहत काम करने वाली जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड एक बेहद संगीन और गंभीर वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के घेरे में आ गई है। जबलपुर स्मार्ट सिटी प्रशासन पर अपने ही अधिकारियों और कर्मचारियों के भविष्य निधि (EPF) का पैसा डकारने का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। यह वित्तीय लापरवाही एक या दो साल की नहीं, बल्कि पिछले पूरे 8 वर्षों (96 महीनों) से लगातार जारी है।
इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (जबलपुर EPFO) द्वारा जारी एक आधिकारिक स्मरण पत्र (रिमाइंडर) के जरिए हुआ है। ईपीएफओ द्वारा जारी पत्र क्रमांक 1718350/180 दिनांक 15 मई 2026 के अनुसार, स्मार्ट सिटी प्रशासन ने अक्टूबर 2017 से लेकर नवंबर 2025 तक की लंबी अवधि का कुल ₹23,40,857 का पीएफ बकाया अब तक सरकारी खजाने में जमा नहीं किया है। इस खुलासे के बाद जबलपुर से लेकर भोपाल प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
जब कर्मचारियों की सैलरी से कटा पीएफ, तो सरकारी खाते में क्यों नहीं पहुंचा?
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला और गंभीर सवाल यह खड़ा होता है कि स्मार्ट सिटी के कर्मचारियों के मासिक वेतन (Salary) से हर महीने पीएफ का हिस्सा नियमित रूप से काटा जाता रहा, लेकिन उसे आगे ईपीएफओ के पास जमा नहीं कराया गया।
बड़ा सवाल: जब कर्मचारियों की जेब से पैसा कट गया, तो पिछले 8 सालों से वह करोड़ों का फंड किस बैंक खाते में पड़ा था और उस पर क्या खेल चल रहा था? यह सवाल अब स्मार्ट सिटी के आला अधिकारियों के लिए गले की फांस बन चुका है।
समय सीमा खत्म: इससे पहले ईपीएफओ ने 23 अप्रैल को भी राशि जमा करने का कड़ा आदेश जारी किया था, लेकिन स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद विभाग को यह सख्त रिमाइंडर जारी करना पड़ा।
बकाया ईपीएफ राशि का पूरा लेखा-जोखा (Financial Sheet)
ईपीएफओ के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, कर्मचारियों की मेहनत की कमाई का जो पैसा दबाया गया है, उसका पूरा गणित इस प्रकार है:
| भविष्य निधि (PF) का विवरण | कुल बकाया राशि (रुपये में) |
| कर्मचारी अंशदान (EPF-EE Share) | ₹11,21,820 |
| नियोक्ता/कंपनी अंशदान (EPF-ER Share) | ₹3,43,112 |
| कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) अंशदान | ₹7,78,752 |
| ईडीएलआई (EDLI) अंशदान | ₹46,743 |
| ईपीएफ प्रशासनिक शुल्क (Admin Charges) | ₹50,430 |
| कुल देय राशि (Total Outstanding) | ₹23,40,857 |
EPFO की अंतिम चेतावनी: 7 दिन में कार्रवाई वरना दर्ज होगी एफआईआर
लगातार की जा रही टालमटोल से नाराज होकर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अब जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को आखिरी अल्टीमेटम (अंतिम चेतावनी) दे दिया है।
कानूनी कार्रवाई का नोटिस: ईपीएफओ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगले 7 दिनों के भीतर ईसीआर (ECR) के माध्यम से पूरी बकाया राशि जमा करके उसका वैलिड चालान प्रस्तुत किया जाए। यदि तय समय सीमा के भीतर इस ₹23.40 लाख का भुगतान नहीं किया गया, तो 'कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम 1952' के तहत स्मार्ट सिटी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बैंक खाते सीज करने से लेकर जेल तक का प्रावधान शामिल है।


