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    ई-अटेंडेंस 90% से कम तो नहीं होगा ट्रांसफर, नए नियम लागू

    भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपनी नई स्थानांतरण (तबादला) नीति लागू कर दी है। इसके तहत आज सोमवार, 8 जून 2026 से आवेदन करने की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। इच्छुक शिक्षक और लोकसेवक आगामी 15 जुलाई 2026 तक इस प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे। विभाग ने साफ किया है कि यह पूरी कवायद पूरी तरह से पारदर्शी और ऑनलाइन माध्यम से ही संचालित की जाएगी। ऑफलाइन माध्यम से मिलने वाले किसी भी आवेदन पत्र पर किसी भी परिस्थिति में विचार नहीं किया जाएगा।

    व्यवस्था के तहत सबसे पहले प्रशासनिक आधार पर जरूरी फेरबदल किए जाएंगे। इसके बाद स्कूलों में खाली बचे पदों (रिक्तियों) की सटीक स्थिति को देखते हुए शिक्षकों को अपनी मच्छा से स्वैच्छिक और आपसी (म्युचुअल) तबादले के अवसर दिए जाएंगे। सभी तरह के ट्रांसफर आदेश केवल एजुकेशन पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे।

    नई तबादला नीति के कड़े नियम और शर्तें

    शिक्षकों के संतुलन को बनाए रखने के लिए इस नीति में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसके तहत जिन स्कूलों में बच्चों का नामांकन 10 से कम है, वहां से किसी भी शिक्षक को नहीं हटाया जाएगा। साथ ही, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) में एक वर्ष या उससे कम का समय बचा है, उन्हें प्रशासनिक रूप से स्थानांतरित नहीं किया जाएगा और ऐसे शिक्षकों के आपसी (म्युचुअल) तबादलों पर भी रोक रहेगी। हालांकि, गंभीर बीमारी से पीड़ित, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला शिक्षकों को उनके गृह जिले या पसंदीदा सुविधाजनक स्थानों पर तैनाती में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

    पूरी प्रक्रिया में अनुशासन बनाए रखने के लिए यह नियम भी जोड़ा गया है कि ट्रांसफर होने के बाद शिक्षक अपने पुराने स्कूल से वेतन नहीं ले सकेंगे। आदेश की अवहेलना करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना होगा। इसके अलावा, परिवीक्षाधीन (प्रोबेशन पीरियड) पर चल रहे नए शिक्षकों का तबादला विशिष्ट विद्यालयों के दायरे से बाहर नहीं किया जा सकेगा। विभाग इस बात का विशेष ध्यान रखेगा कि इस पूरी प्रक्रिया के कारण कोई भी स्कूल पूरी तरह से 'शिक्षक विहीन' न होने पाए।

    स्वैच्छिक ट्रांसफर के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य

    नई नीति में ईमानदारी से काम करने वाले शिक्षकों को तरजीह दी गई है। स्वैच्छिक ट्रांसफर के लिए केवल वही लोकसेवक पात्र माने जाएंगे जो नियमित रूप से ई-अटेंडेंस (ऑनलाइन उपस्थिति) लगा रहे हैं। इसके लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान जनवरी से मार्च तक की उपस्थिति को परखा जाएगा। जून में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण अप्रैल 2026 तक की अटेंडेंस को मुख्य आधार माना गया है। जिन शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम है, उनका पूरा रिकॉर्ड एजुकेशन पोर्टल पर अलग से अपडेट किया जाएगा। इसके अलावा, एक बार स्वैच्छिक ट्रांसफर का लाभ लेने के बाद, विशेष परिस्थितियों को छोड़कर, आगामी 3 शैक्षणिक सत्रों तक शिक्षक दोबारा तबादले के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।

    अतिशेष शिक्षकों का समायोजन और काउंसलिंग

    स्कूलों में शिक्षकों के संतुलित वितरण को सुनिश्चित करने के लिए विभाग 'अतिशेष' (सरप्लस) फॉर्मूले पर काम कर रहा है। जिन विद्यालयों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक तैनात हैं, उन्हें चिन्हित कर काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षक-विहीन या कम शिक्षकों वाले स्कूलों में भेजा जाएगा। किसी भी शाला में सबसे लंबे समय से जमे हुए शिक्षक को ही 'अतिशेष' की श्रेणी में गिना जाएगा। इस डेटा में उन शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा, जिन्होंने संवलियन (मर्जर) के बाद अपनी तीन साल की अनिवार्य सेवा अवधि पूरी नहीं की है।

    तबादला प्रक्रिया का पूरा टाइमटेबल (शेड्यूल)

    विभाग ने आवेदन से लेकर आदेश जारी होने और शिकायतों के निपटारे तक का पूरा शेड्यूल तय कर दिया है, जो इस प्रकार है:

    • 8 से 15 जून 2026: अंतर्जिला (इंटर-डिस्ट्रिक्ट) प्रशासनिक प्रस्तावों को पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा।

    • 8 से 17 जून 2026: जिला, संभाग और राज्य कैडर से जुड़े प्रशासनिक प्रस्तावों की तैयारी होगी।

    • 18 जून 2026: स्कूल शिक्षा विभाग के एजुकेशन पोर्टल पर खाली पदों की सूची (Vacancy List) आम जनता और शिक्षकों के देखने के लिए जारी की जाएगी।

    • 19 से 23 जून 2026: योग्य शिक्षक स्वैच्छिक और आपसी (म्युचुअल) ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे।

    • 24 से 26 जून 2026: प्राप्त हुए सभी ऑनलाइन आवेदनों के डेटा की प्रोसेसिंग और उच्च स्तर से अंतिम मंजूरी (अप्रूवल) की कार्रवाई की जाएगी।

    • 28 से 30 जून 2026: स्वीकृत हुए सभी ऑनलाइन तबादला आदेश (Transfer Orders) पोर्टल पर लाइव कर दिए जाएंगे।

    • 30 जून से 6 जुलाई 2026: स्थानांतरित शिक्षकों को पुराने स्कूल से कार्यमुक्त (रिलीव) होना होगा और नए आवंटित स्थान पर जाकर अपना कार्यभार संभालना होगा।

    • 1 से 7 जुलाई 2026: यदि किसी शिक्षक को जारी हुए ट्रांसफर आदेश पर कोई आपत्ति है, तो वे इसके खिलाफ पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत या अभ्यावेदन (Grievance) दर्ज करा सकेंगे।

    • 15 जुलाई 2026: प्राप्त हुई सभी आपत्तियों और दावों का विभाग द्वारा अंतिम रूप से निराकरण कर दिया जाएगा और इसी के साथ यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

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