खैरथल में त्रैमासिक बैठक आयोजित, लिंगानुपात सुधार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
खैरथल-तिजारा। जिला स्तरीय बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की त्रैमासिक समीक्षा बैठक जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बालिका जन्म दर, महिला सुरक्षा, बालिका शिक्षा एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रतिवर्ष लिंगानुपात में न्यूनतम दो अंकों की वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही संस्थागत प्रसवों को बढ़ावा देने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में बालिकाओं के नामांकन में वृद्धि के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।
महिला सुरक्षा को दी प्राथमिकता
महिला सुरक्षा के विषय पर चर्चा करते हुए जिला कलेक्टर ने वन स्टॉप सेंटर पर एक महिला कांस्टेबल द्वारा ऑन-कॉल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पॉश (POSH) अधिनियम के तहत सभी संबंधित संस्थानों में आंतरिक शिकायत समितियों के गठन की समीक्षा करने को कहा गया।
बैठक में महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्रों की सेवाओं की अवधि बढ़ाने तथा उनकी पहुंच अधिकाधिक महिलाओं तक सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को इन केंद्रों के प्रचार-प्रसार को बढ़ाने के निर्देश दिए गए ताकि जरूरतमंद महिलाएं समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
आत्मरक्षा प्रशिक्षण अभियान के रूप में चलेगा
बैठक में पुलिस विभाग एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को संयुक्त रूप से डिकॉय निरीक्षण (Decoy Inspection) आयोजित करने के निर्देश दिए गए। सभी सीडीपीओ को नियमित रूप से ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स बैठकें आयोजित करने तथा जुलाई माह में नए शैक्षणिक सत्र के साथ आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम को विशेष अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए गए।
कन्यादान और लाडो योजना की प्रगति बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए लाभार्थियों से संवाद स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। वहीं लाडो प्रोत्साहन योजना में प्रगति बढ़ाने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को तृतीय किश्त से संबंधित पीईईओ स्तर पर लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए गए।
24 घंटे संचालित है वन स्टॉप सेंटर
बैठक में बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर 24 घंटे संचालित है, जहां पीड़ित महिलाओं को परामर्श, सहायता एवं अस्थायी संरक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जिला कलेक्टर ने इसकी जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र को वर्तमान स्थान से महिला थाना परिसर में स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि महिलाओं को सुविधाएं और अधिक सुलभता से मिल सकें।
बैठक में महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं बालिका शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भिवाड़ी श्रीमन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार मेघ, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामदयाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी उपखंड अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

