सौर ऊर्जा पम्प स्थापना के नाम पर ठगी से सतर्क रहने की अपील, विभाग ने बताया वर्तमान स्थिति
अलवर। उद्यान विभाग ने प्रधानमंत्री कुसुम कम्पोनेंट-बी योजना के तहत सौर ऊर्जा पंप संयंत्र स्थापना के नाम पर किसानों से ठगी करने वाले व्यक्तियों से सावधान रहने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026-27 के लिए अभी तक कोई नई प्रक्रिया, दरें अथवा फर्मों का अनुबंध निर्धारित नहीं किया गया है।
उद्यान विभाग के उप निदेशक के.एल. मीना ने बताया कि योजना के टेंडर 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुके हैं। उद्यान आयुक्तालय जयपुर की ओर से वर्ष 2026-27 के लिए अभी तक कोई नवीन दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं तथा सोलर पंप संयंत्रों की नई दरें और अनुबंधित फर्में भी निर्धारित नहीं हुई हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ किसान बिना सक्षम स्वीकृति के सौर ऊर्जा पंप संयंत्र स्थापना के लिए विभागीय खाते में कृषक अंश राशि जमा करा रहे हैं। जबकि सरकारी प्रक्रिया के अनुसार किसान का अंशदान तभी जमा कराया जाता है, जब संबंधित आवेदन स्वीकृत हो जाता है और कार्यालय द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जाती है।
उप निदेशक ने कहा कि कुछ लोग किसानों को 80 से 90 प्रतिशत अनुदान दिलाने का झांसा देकर उनसे धनराशि वसूल रहे हैं। जबकि विभाग की ओर से इस संबंध में कोई नई स्वीकृति या दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे मामलों में किसान विशेष सावधानी बरतें और किसी भी व्यक्ति के बहकावे में न आएं।
उन्होंने किसानों से अपील की कि बिना विभागीय स्वीकृति के किसी भी प्रकार की राशि जमा न कराएं। किसी भी योजना की वास्तविक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी अथवा उद्यान विभाग कार्यालय से संपर्क करें।
उद्यान विभाग ने कहा कि योजना से संबंधित सभी अधिकृत सूचनाएं विभागीय माध्यमों से ही जारी की जाती हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की आर्थिक लेन-देन से पहले योजना की स्थिति की पुष्टि अवश्य करें, ताकि ठगी जैसी घटनाओं से बचा जा सके।
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