2.15 लाख रुपये बकाया भुगतान की मांग को लेकर परिवार सहित मिनी सचिवालय पहुंचे मजदूर
अलवर। राजगढ़ वन क्षेत्र में पौधारोपण कार्य के लिए गड्ढों की खुदाई करने वाले 18 मजदूरों ने वन विभाग के अधिकारियों पर मजदूरी का भुगतान नहीं करने के आरोप लगाए हैं। सोमवार को मजदूर अपने परिवारों और बच्चों के साथ मिनी सचिवालय पहुंचे तथा जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर बकाया राशि दिलाने की मांग की।
मध्यप्रदेश के कटनी जिले से आए मजदूरों का कहना है कि उनसे राजगढ़ रेंज के परवेणी और दानपुर क्षेत्र में पौधारोपण के लिए कुल 16,120 गड्ढों की खुदाई करवाई गई। उनके अनुसार यह कार्य 17 मई से 4 जून 2026 तक कराया गया था।
2.41 लाख रुपये मजदूरी बनने का दावा
ज्ञापन में मजदूरों ने बताया कि उन्हें प्रति गड्ढा 15 रुपये की दर से भुगतान करने की बात कही गई थी। इस हिसाब से उनकी कुल मजदूरी 2 लाख 41 हजार 800 रुपये बनती है। मजदूरों का दावा है कि अब तक उन्हें केवल 26 हजार 761 रुपये का ही भुगतान किया गया है, जबकि 2 लाख 15 हजार 39 रुपये की राशि अभी भी बकाया है।
भुगतान मांगने पर टालने का आरोप
मजदूरों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने शेष भुगतान की मांग की तो संबंधित अधिकारियों से उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि भुगतान नहीं होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
परिवार सहित अलवर में रुके मजदूर
मजदूरों ने ज्ञापन में बताया कि वे अपने परिवार और छोटे बच्चों के साथ अलवर में ही रुके हुए हैं। मजदूरी नहीं मिलने से रोजमर्रा के खर्चों का संकट उत्पन्न हो गया है। कुछ परिवार अस्थायी ठिकानों पर रहने को मजबूर हैं।
जांच और भुगतान की मांग
मजदूरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उनकी बकाया मजदूरी का शीघ्र भुगतान कराया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
मामले के सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली और श्रमिक भुगतान व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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