अयोध्या/गोंडा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या के विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और दान के दुरुपयोग के आरोपों पर एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है। जिले के विश्नोहरपुर स्थित अपने पैतृक निवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले का सच जानते हैं, लेकिन फिलहाल उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि वे खुलकर कुछ बोल सकें। राम मंदिर ट्रस्ट और दान में हेराफेरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच उनके इस बयान ने देश की राजनीति में नया उबाल ला दिया है।
"सच बोल दिया तो बड़ी मुसीबत में पड़ जाऊंगा"
बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया के सामने हाथ खड़े करते हुए कहा, "मैं बहुत कमजोर आदमी हूं। अगर मैंने आज सच बोल दिया तो बहुत बड़ी परेशानी में पड़ जाऊंगा, क्योंकि वे लोग बहुत बड़े हैं। सच कहने की हिम्मत फिलहाल मेरे अंदर नहीं है, जब सही वक्त आएगा तब जरूर बोलूंगा।" हालांकि, उन्होंने अपने बयान में 'वे' शब्द का इस्तेमाल किसके लिए किया, इसका खुलासा नहीं किया। दिल्ली में करीब 10 दिन बिताने के बाद अपने गांव लौटे पूर्व सांसद ने कहा कि वे पिछले काफी समय से कई तरह की जटिल परिस्थितियों और विवादों का सामना कर रहे हैं। साल 2023 में महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से उस विवाद से पैदा हुए हालातों को संभालने में जुटे हैं।
नीट (NEET) पेपर लीक पर मंत्री के इस्तीफे का विरोध
देशभर में चल रहे नीट (NEET) परीक्षा विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर बृजभूषण शरण सिंह ने विपक्ष की मांगों से अलग रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी मंत्री के इस्तीफा दे देने से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या खेल मंत्री या शिक्षा मंत्री के हटने से इस बात की गारंटी मिल जाएगी कि भविष्य में कभी पेपर लीक नहीं होगा? कोई भी मंत्री हर एक परीक्षा केंद्र या वहां की सुरक्षा व्यवस्था की व्यक्तिगत रूप से निगरानी नहीं कर सकता।
अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई से ही रुकेगी नकल
पूर्व सांसद ने साफ कहा कि पेपर लीक और नकल के पीछे एक बहुत बड़ा संगठित नेटवर्क (सिंडिकेट) काम करता है, जिसमें अलग-अलग स्तरों के सरकारी अधिकारी और कर्मचारी शामिल होते हैं। जब तक इन दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाओं को रोकना नामुमकिन है। हालांकि, उन्होंने राहत जताते हुए कहा कि देश में पहली बार बड़े अधिकारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाते दिख रहे हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि मौजूदा सरकार इस बार नकल माफिया और पेपर लीक के पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर देगी।


