निरीक्षण से संरक्षण कार्यों में गुणवत्ता पर जोर, मानसून से पहले पूर्णता के निर्देश
अलवर। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने गुरुवार को जल एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भाखेडा, भूरासिद्ध, जरखवाला एनीकट और निदानी बांध के कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान वन राज्यमंत्री ने कहा कि एनीकट और बांध निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य मानसून से पूर्व हर हाल में पूरे किए जाएं ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन संभव हो सके।
उन्होंने केचमेंट एरिया की सफाई, डिसिल्टिंग और जल प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा न आने देने के लिए विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
सौंदर्यीकरण से जुड़ी योजनाओं पर दिया विशेष फोकस
राज्यमंत्री ने एनीकटों के आसपास पाथवे, ग्रीनरी और सौंदर्यीकरण कार्यों को भी तेजी से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि वन्यजीवों को पेयजल उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि इन जल संरचनाओं के विकसित होने से क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी और स्थानीय पर्यावरण को मजबूती मिलेगी।
श्रीराम वाटिका और मातृवन में पौधारोपण अभियान
निरीक्षण के दौरान चोर डूंगरी पहाड़ी पर प्रस्तावित श्रीराम वाटिका स्थल का भी अवलोकन किया गया। मंत्री ने वन विभाग को निर्देश दिए कि प्राकृतिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए और वृहद स्तर पर पौधारोपण किया जाए।
इसके बाद उन्होंने मातृवन में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
अधिकारियों की मौजूदगी और समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरुण प्रसाद, डीएफओ अलवर राजेन्द्र हुड्डा, डीएफओ सरिस्का अभिमन्यु सहारण सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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