More
    Homeदेशराहुल गांधी का राजनीतिक संदेश, RSS-BJP से लड़ाई में कांग्रेस को बताया...

    राहुल गांधी का राजनीतिक संदेश, RSS-BJP से लड़ाई में कांग्रेस को बताया सबसे आगे

    नई दिल्ली: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली मुख्यालय में पार्टी की एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश भर से आए पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों और नेताओं में चुनावी जोश भरा। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस ही देश की एकमात्र ऐसी राजनीतिक शक्ति है, जो अपनी विचारधारा के सिद्धांत पर पूरी मजबूती के साथ टिकी हुई है और जिसमें किसी भी तरह का बिखराव नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वैचारिक दृढ़ता के बल पर कांग्रेस ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीतियों के खिलाफ मजबूती से मोर्चा संभालने में पूरी तरह सक्षम है।

    'देश की आर्थिक स्थिति नाजुक, प्रधानमंत्री सीधे तौर पर जिम्मेदार'

    कांग्रेस के तमाम राष्ट्रीय महासचिवों, प्रभारियों और सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों (पीसीसी चीफ) की मौजूदगी वाली इस बैठक में राहुल गांधी ने दावा किया कि आगामी दो वर्षों में संगठन का ढांचा जमीनी स्तर पर और ज्यादा शक्तिशाली होकर उभरेगा। इसके साथ ही उन्होंने देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।

    राहुल गांधी ने कहा कि आज हमारे देश की अर्थव्यवस्था बेहद नाजुक और संकटपूर्ण दौर से गुजर रही है। इसके लिए उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों को नहीं, बल्कि सीधे तौर पर केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों और फैसलों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मांग की कि देश के आर्थिक हालात और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को खुद सामने आकर देश की जनता को जवाब देना चाहिए।

    पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए आदिवासियों के अधिकारों का हनन

    अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने जल, जंगल और जमीन से जुड़े आदिवासियों के हक की लड़ाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में आदिवासियों को संविधान द्वारा दिए गए विशेष अधिकारों को जानबूझकर कुचला जा रहा है। उन्होंने इसके लिए विशेष रूप से निम्नलिखित राज्यों का उल्लेख किया:

    • मध्य प्रदेश

    • ओडिशा

    • झारखंड

    • छत्तीसगढ़

    • अंडमान व निकोबार द्वीप समूह

    उन्होंने आरोप लगाया कि इन राज्यों में पर्यावरण और वन संरक्षण से जुड़े कड़े सरकारी नियमों को ताक पर रखकर केवल इसलिए बदला जा रहा है, ताकि प्रधानमंत्री के कुछ पसंदीदा और बड़े उद्योगपति मित्रों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ पहुंचाया जा सके।

    पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर मची भारी भगदड़ और बगावत का दिया हवाला

    राहुल गांधी का कांग्रेस की एकजुटता को लेकर यह बड़ा बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस वक्त अपने इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक संकट और बगावत से जूझ रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से टीएमसी के भीतर मचे घमासान के कारण पार्टी का संगठन पूरी तरह बिखर गया है।

    अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में टीएमसी के कुल 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह कर दिया है। इन बागी विधायकों ने पार्टी से निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में विधानसभा के भीतर एक बिल्कुल नया और स्वतंत्र विपक्षी गुट तैयार कर लिया है। बागी धड़े का दावा है कि आने वाले दिनों में ममता बनर्जी की पार्टी के कई और विधायक भी उनके पाले में शामिल होने वाले हैं।

    संसद तक पहुंची बगावत की आंच

    पश्चिम बंगाल की यह सियासी जंग अब देश की संसद (दिल्ली) तक पहुंच चुकी है। टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में उभरे इस बागी गुट ने दावा किया है कि उन्हें लोकसभा के 20 से अधिक सांसदों का खुला समर्थन प्राप्त है, जिससे संसदीय दल में भी विभाजन की स्थिति बन गई है। क्षेत्रीय दलों में मची इसी बड़ी टूट और आपसी कलह का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने अपने नेताओं से कहा कि जहां देश की अन्य तमाम क्षेत्रीय पार्टियां बगावत के आगे घुटने टेक रही हैं और बिखर रही हैं, वहीं कांग्रेस वैचारिक मोर्चे पर पूरी तरह एकजुट और अडिग खड़ी है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here