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    क्या प्लेइंग-11 में मिलेगा नए खिलाड़ियों को मौका? नीदरलैंड मैच से पहले चर्चा तेज

    पाकिस्तान के विरुद्ध खेले गए पहले मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विजय तो प्राप्त कर ली, लेकिन टीम की बल्लेबाजी उतनी असरदार नजर नहीं आई। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और निचले क्रम में ऋचा घोष ने सूझबूझ भरी पारियां खेलकर टीम की लाज बचाई, मगर मध्यक्रम के अन्य बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में विफल रहे।

    खासकर आक्रामक ओपनर शेफाली वर्मा, कप्तान हरमनप्रीत कौर और मध्यक्रम की बल्लेबाज भारती फुलमाली क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। ऐसे में नीदरलैंड्स के खिलाफ होने वाला यह मुकाबला भारतीय बल्लेबाजों के लिए अपनी पुरानी लय और फॉर्म वापस पाने का एक शानदार मौका साबित होगा।

    फिरकी गेंदबाजों का रहा दबदबा, पेसर्स से बेहतर की उम्मीद

    शुरुआती मुकाबले में भारतीय स्पिनरों ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए शानदार खेल दिखाया था। दीप्ति शर्मा और श्री चरणी की स्पिन जोड़ी ने मिलकर विपक्षी टीम के आठ बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। जहाँ दीप्ति ने पांच विकेट चटकाकर प्रतिद्वंद्वी टीम के मध्यक्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया, वहीं श्री चरणी ने अपनी कलाई की जादूगरी और विविधताओं से बल्लेबाजों को लगातार छकाया। हालांकि, तेज गेंदबाजी विभाग में अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ ज्यादा असरदार साबित नहीं हुईं। ये दोनों गेंदबाज इस नए मैच में शुरुआती ओवरों में विकेट निकालकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाना चाहेंगी।

    क्षेत्ररक्षण (फील्डिंग) दुरुस्त करने पर रहेगा ध्यान

    पिछले मैच के शुरुआती ओवरों में भारतीय खिलाड़ियों की फील्डिंग थोड़ी ढीली रही थी। हालांकि मैच के दूसरे हाफ में टीम ने कुछ बेहतरीन कैच लपके, लेकिन आगे आने वाले बड़े टूर्नामेंट और नॉकआउट मुकाबलों को देखते हुए इस क्षेत्र में काफी सुधार की गुंजाइश है। ग्रुप चरण में भारत का सामना आगे चलकर ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी दिग्गज टीमों से होना है, जिसे देखते हुए डच टीम के खिलाफ यह मुकाबला अपनी रणनीतियों और कमियों को सुधारने की प्रयोगशाला बनेगा।

    बांग्लादेश से शिकस्त झेलकर दबाव में नीदरलैंड्स

    दूसरी तरफ, नीदरलैंड्स की टीम को अपने पहले मैच में बांग्लादेश के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था। कप्तान बाबेट डी लीडे ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि उनकी टीम तीनों मोर्चों पर नाकाम रही। उन्होंने कहा, 'हम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में अपनी योजना के अनुरूप खेल नहीं दिखा पाए। बल्लेबाजी में हम कुछ रन शॉर्ट रह गए और मैदान पर भी हमने कैच टपकाए। इस स्तर पर बने रहने के लिए हमें अपनी गलतियों से बहुत कुछ सीखना होगा।'

    भले ही कागजों पर इस मुकाबले में भारतीय टीम को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, लेकिन टीम इंडिया की नजरें महज अंक तालिका में दो अंक जोड़ने पर नहीं, बल्कि अपनी बल्लेबाजी और फील्डिंग की कमजोरियों को पूरी तरह दूर करने पर टिकी हैं। हैदराबाद के खेल प्रेमियों को इस मुकाबले में एकतरफा नहीं बल्कि एक अनुशासित खेल की उम्मीद है।

    दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11:

    भारत: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, अरुंधति रेड्डी, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, क्रांति गौड़।

    नीदरलैंड्स: स्टेरे कालिस, सान्या खुराना, फीबे मोल्केनबोयर, बाबेट डी लीडे (कप्तान एवं विकेटकीपर), रोबिन रिज्के, आइरिस ज्विलिंग, हीदर सीगर्स, फ्रेडरिक ओवरडाइक, कैरोलिन डी लांगे, सिल्वर सीगर्स, इसाबेल वोनिंग।

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