More
    Homeदेशकिसान मोर्चा ने एफटीए पर दी चेतावनी, 10 अगस्त को विरोध का...

    किसान मोर्चा ने एफटीए पर दी चेतावनी, 10 अगस्त को विरोध का ऐलान

    संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में एफटीए विरोध और एमएसपी कानून की मांग पर रणनीति तय

    नई दिल्ली। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय परिषद की बैठक के बाद केंद्र सरकार को भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर नहीं करने की चेतावनी दी है। संगठन ने कहा कि यदि सरकार इस समझौते को आगे बढ़ाती है तो किसान अगले ही दिन बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसकेएम ने देशभर के किसानों से संघर्ष तेज करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को सी-2 लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर कानूनी गारंटी देने, सुनिश्चित सरकारी खरीद की व्यवस्था लागू करने, विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने तथा व्यापक कर्ज माफी जैसी मांगों पर निर्णय लेना चाहिए।

    10 अगस्त को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान

    बैठक में निर्णय लिया गया कि 9 अगस्त के ‘भारत छोड़ो दिवस’ के ऐतिहासिक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए 10 अगस्त 2026 को देशभर में विरोध दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान रेल रोको, रास्ता रोको और जेल भरो जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। विभिन्न राज्यों में कार्यक्रमों का स्वरूप संबंधित राज्य समन्वय समितियां और सदस्य संगठन तय करेंगे।

    एफटीए और कृषि नीतियों पर जताई आपत्ति

    संयुक्त किसान मोर्चा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां बहुराष्ट्रीय कृषि कंपनियों और बड़े कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देती हैं। संगठन ने एमएसपी निर्धारण, खरीद व्यवस्था और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की भंडारण प्रणाली को लेकर भी चिंता व्यक्त की। साथ ही यूरिया, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों तथा कथित कालाबाजारी का विरोध करने की घोषणा की।

    रोजगार, मजदूरी और किसान-मजदूर एकता पर जोर

    बैठक में मनरेगा के तहत 200 दिन रोजगार और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग दोहराई गई। इसके अलावा अस्थायी प्रवासी मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की भी मांग रखी गई।

    एसकेएम ने घोषणा की कि 28 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में राज्य और जिला स्तर के नेताओं की भागीदारी के साथ अखिल भारतीय सम्मेलन आयोजित होगा। इसके अगले दिन 29 जुलाई को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (सीटीयू) के साथ मिलकर तालकटोरा स्टेडियम में राष्ट्रीय मजदूर-किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

    अन्य मुद्दों पर भी पारित हुए प्रस्ताव

    बैठक में पानी के अधिकार और जल संकट पर विशेष नीति तैयार करने, नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर छात्र आंदोलनों के समर्थन तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। साथ ही हिसार में जल संकट, छिंदवाड़ा के चोसरा क्षेत्र में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के विरोध और ओडिशा में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ चल रहे आंदोलनों के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here