भीलवाड़ा। आगामी री-नीट परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले स्थानीय पुलिस ने फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर अभ्यर्थियों को चूना लगाने वाले एक शातिर छात्र को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पकड़ा गया आरोपी सोशल मीडिया के जरिए परीक्षार्थियों को असली पेपर देने का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठ रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल, नीट परीक्षा से जुड़ी पुस्तकें और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपी की पहचान 19 वर्षीय आकाश चौधरी के तौर पर हुई है, जिसे गुरुवार देर रात पटेल नगर स्थित उसके निवास स्थान से दबोचा गया। आकाश मूल रूप से चूरू के रावतसर का रहने वाला है, जिसका परिवार पिछले 25 वर्षों से भीलवाड़ा में बसा हुआ है। वह जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और हाल ही में घर आया था।
'पेपर माफिया' चैनल और वीपीएन तकनीक से ठगी का खेल
पुलिस जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आरोपी ने टेलीग्राम पर 'पेपर माफिया' नाम से एक सीक्रेट चैनल बना रखा था, जिसमें करीब 52 छात्र जुड़े हुए थे। वह प्रत्येक छात्र से कथित असली प्रश्नपत्र के बदले चार-चार हजार रुपये वसूलता था और भुगतान के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर पैसे सीधे बैंक खाते में मंगवाता था। खुद को कानून की नजरों से बचाने के लिए वह अमेरिका आधारित वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा था। प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि भारत सरकार के एस-मेक पोर्टल और जिला विशेष टीम (DST) से मिले इनपुट के बाद यह त्वरित कार्रवाई की गई। आरोपी नीट की किताबों के पन्नों को स्कैन कर डमी पेपर बनाता था और उन्हें असली बताकर बेचता था। फिलहाल उस पर धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसके बैंक खातों व नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त और टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध
इस बड़ी धोखाधड़ी के सामने आने के बाद परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं। इसके तहत 22 जून 2026 तक टेलीग्राम ऐप पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि फर्जी पेपर लीक करने वाले चैनलों, ग्रुप्स और बॉट्स पर नकेल कसी जा सके। इसके अलावा प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों, मॉडरेटर्स और अनुवादकों के मोबाइल फोन रखने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पेपर सेटिंग टीम को लैपटॉप और इंटरनेट इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क पूरी तरह काट दिया गया है। सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए इस बार पेपर निर्माण और वितरण की पूरी कमान किसी एक व्यक्ति या एजेंसी को न देकर अलग-अलग हाथों में सौंपी गई है।
हाईटेक मॉनिटरिंग और परीक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव
री-नीट परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों और हेलीकॉप्टरों की मदद से प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। जमीन पर सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और राज्य पुलिस की मल्टी-लेयर सुरक्षा में 5 लाख से अधिक जवान तैनात रहेंगे। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, फेशियल रिकग्निशन और एआई (AI) आधारित निगरानी प्रणाली के साथ एक लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, जिसकी रीयल-टाइम कमान आईबी और सीबीआई के पास होगी। छात्रों की सहूलियत के लिए परीक्षा का समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है और रफ वर्क के लिए 4 अतिरिक्त शीट दी जा रही हैं। इसके साथ ही आगामी वर्ष 2027 से नीट परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने की मुकम्मल तैयारी कर ली गई है।


