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    रसोई गैस भरवाने से पहले चेक करें दाम, 14.2 किलो LPG सिलेंडर का आज का भाव

    नई दिल्ली। भारत में रसोई गैस (LPG) की दरें पूरी तरह से सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा निर्धारित की जाती हैं, जिनमें वैश्विक ऊर्जा बाजार के अनुरूप हर महीने संशोधन किया जाता है। इसी सिलसिले में आज 19 जून को देश के भीतर 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत राजधानी दिल्ली में 942.00 रुपये और आर्थिक राजधानी मुंबई में 941.50 रुपये पर स्थिर है। वहीं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम इन दोनों महानगरों में क्रमशः 3113.50 रुपये और 3067.50 रुपये दर्ज किए गए हैं।

    महानगरों सहित देश के प्रमुख शहरों में रसोई गैस के ताजा दाम

    विभिन्न राज्यों में लगने वाले स्थानीय करों और परिवहन लागत के अंतर के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में एलपीजी सिलेंडरों के दाम अलग-अलग होते हैं। वर्तमान में देश के अन्य बड़े शहरों की बात करें, तो कोलकाता में घरेलू गैस सिलेंडर 968.00 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3256.00 रुपये में उपलब्ध है। दक्षिण के प्रमुख शहर चेन्नई में घरेलू सिलेंडर का भाव 957.50 रुपये और कमर्शियल का 3283.00 रुपये है। बेंगलुरु में उपभोक्ताओं को घरेलू सिलेंडर के लिए 944.50 रुपये और कमर्शियल के लिए 3198.00 रुपये देने पड़ रहे हैं। अहमदाबाद में यह दरें क्रमशः 949.00 रुपये और 3133.00 रुपये हैं, जबकि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में घरेलू गैस 979.50 रुपये और कमर्शियल 3236.00 रुपये में मिल रही है। ओडिशा के भुवनेश्वर में घरेलू सिलेंडर 968.00 रुपये और कमर्शियल 3290.50 रुपये का है, वहीं बिहार के पटना में घरेलू रसोई गैस की कीमत 1031.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर का दाम 3400.50 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।

    हालिया मूल्य वृद्धियों से बिगड़ा आम जनता के घर का बजट

    बीते कुछ महीनों में रसोई गैस की कीमतों में हुई लगातार बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं की जेब और मासिक बजट पर सीधा असर डाला है। सरकारी तेल कंपनियों ने अभी हाल ही में 7 जून को घरेलू सिलेंडर के दामों में 29 रुपये की बढ़ोतरी की थी, जिससे पहले मार्च महीने में भी इसमें 60 रुपये का तगड़ा इजाफा किया गया था। केवल घरेलू ही नहीं, बल्कि कमर्शियल सिलेंडरों के दामों में भी मई के महीने में 993 रुपये की ऐतिहासिक और रिकॉर्डतोड़ वृद्धि देखी गई थी, जिसके ठीक बाद 1 जून को फिर से इसकी कीमतों को 42 रुपये बढ़ा दिया गया। इन भारी-भरकम वृद्धियों के बीच अब ईरान और अमेरिका के मध्य हुए हालिया शांति समझौते तथा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा सुचारू रूप से खुलने के बाद वैश्विक स्तर पर आपूर्ति सुधरने की उम्मीद है, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को भी दामों में जल्द कटौती की आस है।

    अन्तरराष्ट्रीय लागत से कम दाम पर बिक्री और कंपनियों को भारी नुकसान

    पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, देश में घरेलू रसोई गैस की खुदरा कीमतें इस समय वास्तविक बाजार लागत की तुलना में काफी कम रखी गई हैं। वास्तव में विदेशों से एलपीजी का आयात करने और फिर उसे रीफिलिंग प्लांट से उपभोक्ताओं के घरों तक सुरक्षित पहुंचाने का कुल खर्च प्रति सिलेंडर लगभग 1600 रुपये बैठता है। इसके विपरीत, तेल कंपनियां देश के नागरिकों को राहत देने के लिए इसे केवल 942 रुपये में बेच रही हैं, जिसके कारण उन्हें हर एक सिलेंडर पर करीब 700 रुपये का सीधा घाटा (अंडर-रिकवरी) उठाना पड़ रहा है। इस भारी वित्तीय नुकसान की भरपाई में अभी लंबा समय लग सकता है, इसलिए तुरंत राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल में आई मंदी का लाभ देने के लिए आगामी 1 जुलाई को होने वाली तेल कंपनियों की मासिक समीक्षा बैठक में आंशिक कटौती का निर्णय लिया जा सकता है।

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