नई दिल्ली: ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज 'ऑपरेशन सफेद सागर: द अनटॉल्ड स्टोरी ऑफ कार्गिल वॉर' रिलीज के तुरंत बाद ही एक दृश्य को लेकर विवादों के घेरे में आ गई है। भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी कर्नल वेंबु शंकर ने सीरीज में कारगिल युद्ध के वीर शहीद स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा के पार्थिव शरीर वाले ताबूत पर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) लपेटने के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका स्पष्ट कहना है कि सीरीज में फिल्माया गया यह सीन देश के भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के नियमों के बिल्कुल विपरीत है।
ताबूत वाले दृश्य पर कर्नल वेंबु शंकर की आपत्ति
कारगिल युद्ध की ऐतिहासिक और सच्ची घटनाओं पर आधारित इस सीरीज में स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा की शहादत से जुड़ा एक इमोशनल सीन दिखाया गया है। इसी दृश्य का एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कर्नल वेंबु शंकर ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनके अनुसार, शहीद अधिकारी के ताबूत पर राष्ट्रीय ध्वज को जिस दिशा या स्थिति में रखा गया है, वह नियमों के अनुकूल नहीं है।
कर्नल शंकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए यह हैरानी भी जताई है कि फिल्म या सीरीज की शूटिंग के दौरान इस तरह के बेहद संवेदनशील और जरूरी विवरण (डिटेल) पर किसी का ध्यान क्यों नहीं गया। उन्होंने विशेष रूप से इस प्रोजेक्ट से जुड़े सैन्य सलाहकारों (Military Advisors) और संबंधित प्रोडक्शन टीम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
असली फुटेज और री-क्रिएटेड सीन में अंतर का दावा
पूर्व सैन्य अधिकारी का कहना है कि स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा के अंतिम संस्कार के समय की जो असली तस्वीरें या वीडियो फुटेज उपलब्ध हैं, उनमें तिरंगे की स्थिति बिल्कुल अलग और नियमानुसार थी। वहीं, सीरीज के लिए दोबारा फिल्माए गए इस दृश्य में ध्वज के रंगों और उसकी पोजीशन को लेकर गलती की गई है।
उनका यह भी दावा है कि देश के वीर शहीदों के ताबूत पर तिरंगा हमेशा निर्धारित सैन्य प्रोटोकॉल के तहत ही draped (लपेटा) जाना चाहिए। इसी कथित चूक को लेकर उन्होंने सीरीज के मेकर्स से सार्वजनिक रूप से जवाबदेही की मांग की है।
'इतनी बड़ी और संवेदनशील गलती कैसे नजरअंदाज हुई?'
कर्नल वेंबु शंकर का मानना है कि जब किसी प्रोजेक्ट की कहानी भारतीय सशस्त्र बलों और कारगिल जैसे गौरवशाली युद्ध के वास्तविक घटनाक्रम पर आधारित हो, तो ऐसी संवेदनशीलता के मामलों में जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ जाती है।
उन्होंने सैन्य मुख्यालय से जुड़े संबंधित अधिकारियों और शो के मिलिट्री एडवाइजर्स से सवाल किया है कि यदि यह दृश्य रिलीज से पहले जांच के कई चरणों से होकर गुजरा था, तो यह कथित गलती किसी की नजर में क्यों नहीं आई।
निर्माताओं से सार्वजनिक माफी की मांग
पूर्व आर्मी ऑफिसर ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सीरीज के निर्माताओं से अपील की है कि वे इस गलती के लिए आगे आएं और सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें। उनका तर्क है कि सेना के शौर्य और बलिदान से जुड़े दृश्यों को पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और तय सैन्य प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए ही पर्दे पर उतारा जाना चाहिए।
फिलहाल, 'ऑपरेशन सफेद सागर' के निर्माताओं या प्रोडक्शन हाउस की तरफ से इसतमाम आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह साफ नहीं हो सका है कि तिरंगे को लेकर दिखाई गई यह स्थिति किसी तकनीकी या प्रोडक्शन की भूल का नतीजा थी या इसके पीछे कोई रचनात्मक वजह थी।
स्टार कास्ट से सजी है यह सीरीज
आपको बता दें कि 'ऑपरेशन सफेद सागर: द अनटॉल्ड स्टोरी ऑफ कार्गिल वॉर' में कई जाने-माने कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। इस सीरीज की स्टार कास्ट में सिद्धार्थ, जिमी शेरगिल, विनय पाठक, मनु ऋषि चड्ढा, अभय वर्मा, अरनव भसीन, आदिल हुसैन, संजय सूरी, बरुण सोबती, दीया मिर्जा और प्राजक्ता कोली जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं। कारगिल युद्ध की गाथा को बयां करने वाली इस सीरीज को लेकर फिलहाल तिरंगे से जुड़ा यह विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।


