मुंबई: देश भर में उस समय भारी बवाल और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का बड़ा आंदोलन चल रहा था। इस विरोध प्रदर्शन के समर्थन में जहां फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरे और कलाकार खुलकर सामने आए थे, वहीं एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जब मशहूर गायक सोनू निगम से इस पर सवाल पूछा गया था, तो उन्होंने उस वक्त टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया था। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर सिंगर को जमकर ट्रोल किया गया था। अब इस पूरे वाकये पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सोनू निगम ने खुलकर अपनी बात रखी है और स्पष्ट किया है कि उन्होंने उस समय बयान क्यों नहीं दिया था तथा वे उस परिस्थिति में क्यों खफा हो गए थे।
पंकज उधास को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे सोनू निगम
हाल ही में एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान को दिए गए इंटरव्यू में सोनू निगम ने इस पूरे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने यह साफ किया कि हर बात को कहने और हर मुद्दे पर चर्चा करने का एक निश्चित समय और सही मंच होता है। सिंगर ने कहा, "मुंबई में अपने पिछले 30 सालों के लंबे करियर के दौरान मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया से जुड़े कुछ बुनियादी नियम और शिष्टाचार सीखे हैं। हमेशा उस कार्यक्रम के मुख्य एजेंडे पर ही बात की जानी चाहिए और बेवजह विषय से नहीं भटकना चाहिए।"
सोनू निगम ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए बताया कि जिस समय उनसे यह सवाल पूछा गया था, वह दिवंगत दिग्गज गजल गायक पंकज उधास को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। उन्होंने कहा, "जब आप अपने मार्गदर्शक और गुरु पंकज उधास जी को श्रद्धांजलि देने के लिए किसी मंच पर मौजूद हों, तो वहां राजनीति या किसी अन्य संवेदनशील और अलग मुद्दे पर बयान देना मेरी नजर में उनका सीधा अनादर होता है। इसके अलावा, मैंने अपने पिता से भी यह वादा किया है कि मैं कभी भी सार्वजनिक तौर पर किसी ऐसे विषय पर बयानबाजी नहीं करूंगा, जिसकी मुझे पूरी और गहरी जानकारी न हो।"
'मैंने अपनी जिंदगी में कई बड़े और साहसी स्टैंड लिए हैं'
सोशल मीडिया पर लगातार हो रही ट्रोलिंग का करारा जवाब देते हुए सोनू निगम ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई गंभीर मुद्दों पर मुखर होकर आवाज उठाई है और कई कड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा, "मेरे फोन में सोशल मीडिया एप्लीकेशन नहीं है। मैंने अपने जीवन में कई ऐसे फैसले लिए हैं जिन्होंने व्यवस्था में बदलाव लाने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ आवाज उठाने से लेकर संगीतकारों और कलाकारों के रॉयल्टी अधिकारों की लड़ाई तक, मैंने हमेशा अकेले ही आगे बढ़कर आवाज उठाई है। अब दूसरों को भी हिम्मत जुटाकर अपनी बात रखने दें और देखें कि वे क्या बदलाव ला सकते हैं।"
क्या था पूरा विवाद?
गौरतलब है कि कुछ समय पहले जब देश भर के युवा और छात्र नीट परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे, तब बॉलीवुड और संगीत जगत की कई हस्तियों ने खुलकर छात्रों का समर्थन किया था। कई जाने-माने सितारे दिल्ली पहुंचकर छात्रों का हौसला बढ़ाते नजर आए थे। ऐसे माहौल के बीच जब रिपोर्टर्स ने एक कार्यक्रम के दौरान सोनू निगम से इस संबंध में सवाल किया था, तो उन्होंने असहज होकर "अभी हो गया बस" कहकर बात टाल दी थी और आगे निकल गए थे।
इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें आड़े हाथों लिया था और जमकर खरी-खोटी सुनाई थी। कुछ ट्रोल्स ने उन्हें सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणियों का शिकार बनाया था, हालांकि उनके कई वफादार फैंस ने उनका बचाव करते हुए कहा था कि किसी भी कलाकार को हर राष्ट्रीय या राजनीतिक मुद्दे पर अपनी राय रखने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।


