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    Homeराजस्थानअलवरसामाजिक समरसता पर समता आन्दोलन का अधिवेशन, आरक्षण व्यवस्था पर उठाए सवाल

    सामाजिक समरसता पर समता आन्दोलन का अधिवेशन, आरक्षण व्यवस्था पर उठाए सवाल

    वार्षिक अधिवेशन में सामाजिक समरसता और समान अवसरों पर हुई चर्चा, संगठन विस्तार पर बनी रणनीति

    अलवर। पेंशनर भवन, अलवर में समता आन्दोलन का वार्षिक अधिवेशन उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। अधिवेशन में संगठन के पदाधिकारियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर सामाजिक समता, संवैधानिक अधिकारों और संगठनात्मक विस्तार से जुड़े विषयों पर विचार व्यक्त किए।

    अधिवेशन की अध्यक्षता समता आन्दोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पाराशर नारायण शर्मा ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संगठन समान अवसर और सामाजिक न्याय के पक्ष में संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीकों से कार्य कर रहा है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था सहित विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर संगठन का पक्ष रखते हुए जनजागरण अभियान को और मजबूत बनाने पर बल दिया।

    सामाजिक समरसता और समान अवसरों पर दिया जोर

    राष्ट्रीय अध्यक्ष पाराशर नारायण शर्मा ने कहा कि सामाजिक समरसता और समान अवसरों की स्थापना के लिए व्यापक संवाद की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठा रहा है।

    उन्होंने कहा कि यदि संगठन की मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया जाता है तो भविष्य में लोकतांत्रिक माध्यमों से जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

    संगठन विस्तार की कार्ययोजना प्रस्तुत

    अधिवेशन के मुख्य अतिथि एवं पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने समता आन्दोलन को समतावादी विचारधारा पर आधारित व्यापक सामाजिक अभियान बताते हुए संगठन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठ समाज के विभिन्न वर्गों के बीच कार्य कर रहे हैं।

    कार्यकारी अध्यक्ष योगेन्द्र सिंह मेघसर ने संगठन को ग्राम पंचायत स्तर तक विस्तार देने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। वहीं जिला अध्यक्ष रामअवतार सिंह चौहान ने आगामी वर्ष में जिले की सभी तहसीलों और ग्राम पंचायतों में संगठन की इकाइयों को सक्रिय करने का संकल्प व्यक्त किया।

    संवैधानिक और कानूनी मुद्दों पर चर्चा

    संगठन के सलाहकार रामनिरंजन गौड़ ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग में क्रीमीलेयर व्यवस्था लागू करने के संबंध में चल रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस विषय से जुड़ी याचिका सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

    प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित विभिन्न न्यायालयीन निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष एडवोकेट ऋषिराज राठौड़ ने संगठन द्वारा विभिन्न कानूनी एवं संवैधानिक मुद्दों पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।

    कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

    अधिवेशन में जिला ब्राह्मण सभा के जिलाध्यक्ष विश्वभर दयाल वशिष्ठ, राजस्थान ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष बाबूलाल शर्मा, अमित छाबड़ा, राजपूत सभा के सूरजभान गौड़, अशोक आहूजा सहित अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के अंत में विभिन्न संगठनात्मक एवं सामाजिक विषयों पर प्रस्ताव पारित किए गए। संचालन राजेश शर्मा एवं अशोक शर्मा ने किया।

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