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    हेडलाइट की चकाचौंध बनी मौत का कारण, तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

    बांदा| उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा और बिसंडा थाना क्षेत्र के बीच एक बेहद हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है। अपनी शादी के कार्ड बांटकर घर लौट रहे एक होने वाले दूल्हे और दूसरी बाइक पर सवार मामा की शादी की खरीदारी कर लौट रहे दो युवकों की बाइकों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। यह भीषण दुर्घटना रात के वक्त बाइकों की हेडलाइट की तेज रोशनी आंखों पर पड़ने के कारण हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और उन पर सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और राहगीरों ने सभी को तुरंत रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि दोनों ही बाइकों पर सवार किसी भी युवक ने हेलमेट नहीं पहन रखा था।

    सात दिन बाद उठनी थी बारात, अब उठेगी अर्थी

    बिसंडा थाना क्षेत्र के चौसड़ गांव निवासी पिता रामानंद ने रोते हुए बताया कि उनका 22 वर्षीय पुत्र रामजी उनके चार बेटों में सबसे बड़ा था। वह खेती-किसानी में पिता का हाथ बंटाता था। रामजी की शादी तय हो चुकी थी और ठीक सात दिन बाद यानी पहली जुलाई को बबेरू कोतवाली क्षेत्र के टोलाकला गांव उसकी बारात जानी थी। रामजी खुद अपनी शादी के कार्ड सगे-संबंधियों को बांटने गया था।

    सोमवार की देर रात जब वह कार्ड बांटकर बिसंडा-ओरन मार्ग पर चौसड़ गांव के हाऊली बरा के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उसकी बाइक को सीधी टक्कर मार दी। शादी के ऐन वक्त पर इकलौते कमाऊ बेटे की मौत से मां शोभा देवी और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दर्दनाक हादसे से चौसड़ और लड़की पक्ष के गांव टोलाकला, दोनों ही गांवों में सन्नाटा पसर गया है।

    मामा की शादी में आया था भांजा, बाजार से लौटते समय हुआ काल का ग्रास

    दुर्घटना की शिकार हुई दूसरी बाइक पर चौसड़ गांव के ही राजू कुशवाहा (40 वर्ष) और उनके साथ पारा बिहारी निवासी राहुल (16 वर्ष) सवार थे। चौसड़ गांव के निवासी दिलीप कुशवाहा ने बताया कि उनके बड़े भाई सुनील की शादी 24 जून को होनी तय है। इसी शादी के समारोह में शामिल होने के लिए उनका सगा भांजा राहुल करीब 15 दिन पहले ही अपने ननिहाल आया था।

    राहुल ने पिछले वर्ष ही हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी और वह दो भाइयों में बड़ा था। अभी महज एक साल पहले ही राहुल की मां गिरजा का देहांत हुआ था और अब इस हादसे ने पिता राजकुमार को पूरी तरह तोड़ दिया है। सोमवार की देर रात राहुल गांव के ही राजू के साथ ओरन मार्ग स्थित बाजार की एक दुकान से शादी का कुछ सामान और खरीदारी करने गया था। बाजार से लौटते समय दोनों इस भयावह हादसे का शिकार हो गए।

    बुढ़ापे का एकमात्र सहारा भी छिन गया

    इस हादसे में जान गंवाने वाले 40 वर्षीय राजू कुशवाहा के वृद्ध पिता बृजलाल ने बदहवास हालत में बताया कि राजू उनका इकलौता बेटा था और उनके बुढ़ापे का एकमात्र लाठी का सहारा था, जो अब इस दुनिया में नहीं रहा। राजू पेशे से किसान था और खेती करके अपने पूरे परिवार का पेट पालता था। उसके पीछे अब उसकी पत्नी शोभा, एक मासूम बेटा और एक बेटी अनाथ हो गए हैं।

    बिसंडा थानाध्यक्ष चंद्रप्रकाश तिवारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दो मोटरसाइकिलों की आपसी भिड़ंत में तीन लोगों की असमय मौत हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि रात के समय वाहनों की हेडलाइट को डिपर पर रखें और दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें, क्योंकि इस हादसे में किसी भी मृतक ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण सिर पर गंभीर चोटें आईं और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

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