पाली। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टैगोर नगर स्थित एक निजी स्कूल में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्कूल परिसर में भीषण आग लग गई। सुबह के समय इमारत से अचानक काला धुआं और लपटें उठती देख स्थानीय निवासियों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग और डिस्कॉम (बिजली विभाग) को दी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने जब अंदर प्रवेश किया, तो स्कूल के रिकॉर्ड रूम में आग धधक रही थी। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक कमरे में रखा तमाम जरूरी सामान और सीसीटीवी (CCTV) कैमरे का डीवीआर (DVR) जलकर पूरी तरह स्वाहा हो चुका था।
आग बुझाते समय खुला मौत का खौफनाक राज, रेलिंग से बंधा था फंदा
इस घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला और खौफनाक मोड़ तब आया, जब आग बुझाने के बाद दमकलकर्मी स्कूल के मुख्य हॉल का मुआयना करने पहुंचे। हॉल के भीतर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए; वहाँ लोहे की रेलिंग के सहारे एक युवक का शव फंदे से लटका हुआ था। स्कूल के भीतर लाश मिलने की खबर मिलते ही कोतवाली थाने के एएसआई जगदीश कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और उसकी शिनाख्त की कोशिशें शुरू कीं।
मृतक की हुई पहचान, हादसे और खुदकुशी के बीच उलझी पुलिस; गहन जांच जारी
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में मृतक की पहचान 30 वर्षीय राघवेंद्र शर्मा के रूप में हुई है, जो टैगोर नगर स्थित सरस्वती स्कूल के पास का ही रहने वाला था और उसके पिता का नाम एस.एन. शर्मा है। पुलिस ने विधिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है।
इस पूरी घटना ने पुलिस के सामने कई गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल के रिकॉर्ड रूम में आग का लगना, सबूत मिटाने के उद्देश्य से सीसीटीवी के डीवीआर का जलना और उसी वक्त एक युवक का शव फंदे पर मिलना—किसी बड़ी आपराधिक साजिश या खुदकुशी की ओर इशारा कर रहा है। कोतवाली थाना पुलिस का कहना है कि मौत और आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा अभी नहीं हो पाया है, लेकिन फॉरेंसिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सभी एंगल से मामले की गहनता से जांच की जा रही है।


