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    1000 किमी दूर के परमिट पर रेत परिवहन का खेल, बिना नंबर डंपर जब्त

    सिंगरौली। जिले के बैढ़न थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बलियारी इलाके में बहने वाली रेड नदी से माफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासनिक अमले ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार तड़के खनिज विभाग, राजस्व और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम ने नदी क्षेत्र में औचक दबिश दी। इस छापेमारी के दौरान टीम ने अवैध रेत से ओवरलोड एक डंपर को मौके पर ही जब्त कर लिया। हालांकि, कार्रवाई की भनक लगते ही नदी में मौजूद दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक अपने वाहन लेकर भागने में सफल रहे। इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब जब्त डंपर की तलाशी के दौरान उसमें बुरहानपुर जिले की 'ट्रांजिट परमिट' (TP) पाई गई, जिसने रेत के इस अवैध खेल में अंतरजिला सिंडिकेट के सक्रिय होने की पोल खोल दी है।

    वायरल वीडियो ने खोली थी पोल; सुबह 5 बजे टीम ने मारा छापा

    दरअसल, यह त्वरित कार्रवाई बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद अमल में लाई गई। उस वीडियो में रेड नदी के भीतर एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में 35 से 40 मजदूरों द्वारा सरेआम और बेखौफ होकर रेत की लोडिंग की जा रही थी। वीडियो का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गुरुवार सुबह करीब 5:00 बजे ही संयुक्त टीम ने बलियारी क्षेत्र में घेराबंदी की। मौके पर रेत के अवैध खनन के पुख्ता साक्ष्य और ताजे निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि यहाँ बड़े पैमाने पर खेल चल रहा था।

    917 किलोमीटर की दूरी और फर्जीवाड़ा: सिंगरौली की रेत पर बुरहानपुर का परमिट!

    जब्त डंपर से बुरहानपुर जिले की टीपी (ट्रांजिट परमिट) मिलने के बाद खनिज विभाग के अधिकारी भी हैरान हैं। भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो बुरहानपुर और सिंगरौली के बीच करीब 917 किलोमीटर की लंबी दूरी है। ऐसे में सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह खड़ा होता है कि जब खुद सिंगरौली जिले में शासन द्वारा 42 रेत खदानें स्वीकृत की गई हैं, तो इतनी दूर स्थित जिले की टीपी यहाँ चल रहे डंपर में क्या कर रही थी? आशंका जताई जा रही है कि माफिया द्वारा बाहरी जिले की वैध टीपी की आड़ में सिंगरौली की नदियों से चुराई गई रेत को वैध ठिकाने पर भेजने और अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने का एक बड़ा रैकेट चलाया जा रहा था।

    सरकारी सिस्टम और पारदर्शिता के घेरे में: जांच के बाद ही खुलेगा पूरा राज

    इस हाई-प्रोफाइल मामले ने खनिज विभाग की ऑनलाइन ट्रांजिट परमिट व्यवस्था और उसकी मॉनिटरिंग प्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। इस संबंध में खनिज अधिकारियों का कहना है कि जब्त डंपर, बरामद टीपी और गाड़ी के इंजन-चेसिस नंबर से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस अंतरजिला अवैध रेत नेटवर्क के मुख्य सरगना, वाहन मालिक और इसमें शामिल सफेदपोशों के चेहरों से नकाब हटेगा। फिलहाल मामले में बैढ़न थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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