रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। संस्थान के निदेशक डॉ. राजकुमार ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। पद छोड़ने के ठीक अगले ही दिन, यानी शुक्रवार को डॉ. राजकुमार रांची से अपने गृह प्रदेश के लिए रवाना भी हो गए हैं। उनके इस अचानक उठाए गए कदम के बाद से रिम्स और स्वास्थ्य महकमे में हलचल तेज है।
प्रभारी निदेशक को दिया प्रभार, बंगले की चाभी सौंपकर कराई वीडियोग्राफी
शुक्रवार सुबह डॉ. राजकुमार सीधे रिम्स स्थित निदेशक कार्यालय पहुँचे। वहाँ उन्होंने रिम्स के नवनियुक्त प्रभारी निदेशक डॉ. डी. के. सिन्हा को संस्थान से जुड़ी सभी प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियां विधिवत रूप से सौंप दीं। इसके बाद उन्होंने रिम्स परिसर में स्थित सरकारी निदेशक बंगले को भी पूरी तरह खाली कर दिया। मकान खाली करने के बाद उन्होंने बिल्डिंग की चाभियां संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के हवाले कीं। किसी भी तरह के भावी विवाद से बचने के लिए उन्होंने इस पूरी चाभी सौंपने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई और फिर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गए।
विवादों के बीच बेटे को भी ले गए साथ
डॉ. राजकुमार अपने साथ अपने बेटे को भी रांची से ले गए हैं। गौरतलब है कि रिम्स में उनके बेटे की ट्यूटर के पद पर हुई नियुक्ति पिछले कुछ समय से लगातार विवादों के घेरे में बनी हुई थी, जिसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे थे। गलियारों में यह चर्चा बेहद आम है कि डॉ. राजकुमार अपने गृह प्रदेश पहुँचने के बाद जल्द ही अपने बेटे का भी रिम्स के ट्यूटर पद से इस्तीफा दिलवा सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा था इस्तीफा, डॉ. सिन्हा बने नए कार्यवाहक निदेशक
इससे पहले गुरुवार को डॉ. राजकुमार ने सुबह-सुबह राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के सरकारी आवास पहुँचकर उन्हें अपना त्यागपत्र सौंपा था। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने तत्परता दिखाते हुए एक तरफ जहाँ डॉ. राजकुमार का इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया, वहीं दूसरी तरफ बिना वक्त गंवाए एक नई अधिसूचना भी जारी कर दी। विभाग ने रिम्स के सर्जरी डिपार्टमेंट के प्राध्यापक (प्रोफेसर) डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा को कार्यकारी व्यवस्था के तहत तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक संस्थान का नया कार्यवाहक निदेशक नियुक्त कर दिया है।


