More
    HomeखेलIND vs IRE: रिकॉर्ड तोड़ने का सपना अभी अधूरा! वैभव को करना...

    IND vs IRE: रिकॉर्ड तोड़ने का सपना अभी अधूरा! वैभव को करना पड़ सकता है और इंतजार

    भारत और आयरलैंड के बीच शुरू होने जा रही आगामी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज से पहले क्रिकेट जगत में इस वक्त सबसे बड़ी चर्चा 15 साल के युवा खब्बू बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को लेकर हो रही है। आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से तबाही मचाते हुए 776 रन ठोकने वाले और 'ऑरेंज कैप' पर कब्जा जमाने वाले वैभव को लेकर फैंस के बीच गजब का उत्साह है। अगर वे इस सीरीज में मैदान पर उतरते हैं, तो भारत के लिए सबसे कम उम्र में टी20 खेलने वाले क्रिकेटर बन जाएंगे। हालांकि, उनके इस ऐतिहासिक डेब्यू की राह में टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर का कड़ा और निष्पक्ष नजरिया एक बड़ा फैक्टर साबित होने वाला है।

    रिकॉर्ड्स के चक्कर में किसी खिलाड़ी के साथ अन्याय नहीं: सितांशु कोटक

    आयरलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मैच से पूर्व भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने प्लेइंग इलेवन (अंतिम एकादश) को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने संकेत दिए कि अंतिम फैसला कप्तान और मुख्य कोच का होगा, लेकिन किसी युवा खिलाड़ी को सिर्फ रिकॉर्ड बनाने के लिए टीम में शामिल नहीं किया जाएगा, जिससे किसी अन्य इन-फॉर्म खिलाड़ी का हक मरे।

    कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "26 जून की शाम को कप्तान और मुख्य कोच बैठक कर अंतिम ग्यारह का चयन करेंगे। वैभव अगर खेलते हैं तो यह बेहद सुखद होगा, और अगर नहीं भी खेलते हैं तो भी वे भारतीय टीम के सेटअप का हिस्सा हैं, जो उनके लिए बड़ी बात है। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके हुनर को सही समय पर सही मौका जरूर मिलेगा। लेकिन सिर्फ उन्हें आजमाने के लिए किसी ऐसे बल्लेबाज को ड्रॉप करना सही नहीं होगा जो लंबे समय से लगातार रन बना रहा है। किसी को मौका देने और किसी के साथ नाइंसाफी करने के बीच बेहद बारीक रेखा होती है।"

    गौतम गंभीर का फॉर्मूला: व्यक्तिगत स्टारडम से ऊपर टीम का संतुलन

    जब से गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच का पद संभाला है, तब से टीम में व्यक्तिगत उपलब्धियों के बजाय 'टीम बैलेंस' और प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जा रही है। यही वजह है कि यदि संजू सैमसन या अभिषेक शर्मा जैसे बल्लेबाज लगातार रन बना रहे हैं, तो केवल वैभव सूर्यवंशी को सबसे कम उम्र में डेब्यू कराने का रिकॉर्ड बनाने के लिए उन्हें टीम से बाहर नहीं बिठाया जाएगा। टीम प्रबंधन का मानना है कि ड्रेसिंग रूम में यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि जो परफॉर्म करेगा, वही खेलेगा। सिर्फ सुर्खियों या रिकॉर्ड्स के आधार पर चयन करने से टीम का माहौल प्रभावित हो सकता है।

    15 साल की उम्र में जल्दबाजी क्यों नहीं?

    वैभव सूर्यवंशी को निसंदेह भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार माना जा रहा है। इतनी छोटी उम्र में आईपीएल के मंच पर दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों के परखच्चे उड़ाकर उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की है। इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट का मानना है कि उनके पास आगे 15-20 साल का लंबा करियर पड़ा है। फिलहाल सीनियर टीम के साथ ट्रैवल करना, ड्रेसिंग रूम का माहौल समझना और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव को करीब से महसूस करना भी उनके विकास (ग्रूमिंग) के लिए बेहद जरूरी है।

    सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए क्या करना होगा इंतजार?

    क्रिकेट प्रेमियों के बीच सबसे बड़ा कौतूहल यही है कि क्या वैभव इतनी कम उम्र में नीली जर्सी पहनकर महान सचिन तेंदुलकर के सबसे कम उम्र में भारत के लिए डेब्यू करने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे? लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखकर साफ है कि टीम इंडिया का थिंक-टैंक किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं है। अगर पहले से स्थापित और शानदार फॉर्म में चल रहे बल्लेबाजों को तरजीह मिलती है, तो वैभव को अपनी बारी के लिए थोड़ा धैर्य रखना होगा। हालांकि, उनके आईपीएल के प्रचंड फॉर्म को देखते हुए उनका भारत के लिए खेलना तय है, बस टीम चाहती है कि उनका पदार्पण किसी हेडलाइन के लिए नहीं बल्कि पूरी तरह उनकी योग्यता के आधार पर हो।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here