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    राजस्थान क्रिकेट पर नेताओं के बेटों का कब्जा खत्म! सुप्रीम कोर्ट ने भी लगाई मुहर , अब होंगे चुनाव

    राजस्थान क्रिकेट पर नेताओं के बेटों का कब्जा खत्म! सुप्रीम कोर्ट ने भी लगाई मुहर , अब होंगे चुनाव

    नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) पर वर्षों से जमी नेता-पुत्रों की मजबूत पकड़ आखिरकार टूटने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कह दिया  अब और टालमटोल नहीं चलेगी। एडहॉक कमेटी की वो याचिका, जो हाईकोर्ट के चुनाव कराने के आदेश को रोकने के लिए दायर की गई थी, कोर्ट की फटकार के आगे टिक ही नहीं पाई और वापस लेनी पड़ी।

    नेता-पुत्रों का दरबार बन गया था RCA

    यह महज इत्तेफाक नहीं था कि एडहॉक कमेटी की कुर्सियों पर बैठे लोग क्रिकेट से कम, राजनीतिक रसूख से ज्यादा जुड़े थे। भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव, स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह, भाजपा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी, पूर्व मंत्री चंद्रराज सिंघवी के पौत्र अरिष्ट सिंघवी, और भादरा विधायक संजीव बेनीवाल के बेटे अर्जुन बेनीवाल यानी कमेटी में सीधे-सीधे राजनीतिक विरासत का दबदबा। इससे पहले भी भाजपा विधायक जयदीप बिहानी और भाजपा पदाधिकारी दीनदयाल कुमावत इसी कुर्सी पर बैठ चुके थे। सवाल उठना लाजमी है । क्या राजस्थान क्रिकेट खिलाड़ियों का मैदान था या राजनीतिक परिवारों की जागीर?

    सुप्रीम कोर्ट की सीधी चोट

    जस्टिस के. वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने सुनवाई में कड़ा सवाल दागा  आखिर एडहॉक व्यवस्था के नाम पर चुनाव कब तक टाले जाते रहेंगे? यह टिप्पणी इतनी तीखी थी कि याचिकाकर्ताओं के पास पीछे हटने के अलावा कोई चारा नहीं बचा। राज्य सरकार ने भी कमेटी की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे RCA के नाम पर याचिका दायर करने का अधिकार ही नहीं था  न प्रशासक की मंजूरी थी, न संघ की अधिकृत सहमति।

    अब मैदान खिलाड़ियों को, कुर्सी जनता की मर्जी से

    सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद राजस्थान हाईकोर्ट का 1 जुलाई 2026 का आदेश पूरी तरह प्रभावी हो गया है। प्रशासक भास्कर ए. सावंत की निगरानी में अब मतदाता सूची फाइनल होगी, निर्वाचन अधिकारी नियुक्त होगा और तय समय पर चुनाव होंगे। 29 जुलाई 2026 तक चुनाव कार्यक्रम हाईकोर्ट के सामने पेश करना अनिवार्य कर दिया गया है।

    याचिकाकर्ता राजीव प्रताप सिंह राठौड़ ने इसे बड़ी जीत बताते हुए कहा कि वर्षों से एडहॉक कमेटी की मनमानी झेल रहे RCA को अब असली, निर्वाचित नेतृत्व मिलेगा। उम्मीद है कि अगले तीन महीनों में राजस्थान क्रिकेट को नेताओं के इशारों पर चलने वाली कमेटी से मुक्ति मिलकर एक जनादेश-प्राप्त कार्यकारिणी मिल जाएगी।

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