वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी वाराणसी के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे प्रदेश के लाखों शिक्षकों और उनके परिजनों को एक ऐतिहासिक तोहफा देते हुए 'मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना' का विधिवत शुभारंभ करेंगे। पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल, बड़ालालपुर में प्रातः 10 बजे से आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत करेंगे। इस योजना के धरातल पर उतरने के साथ ही राज्य के लगभग 12 लाख शिक्षकों और उनके आश्रित परिजनों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने लगेगी। इस योजना के दायरे में न केवल नियमित शिक्षकों को रखा गया है, बल्कि शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत सभी पात्र कर्मचारियों को भी शामिल कर एक बड़ा सामाजिक सुरक्षा चक्र प्रदान किया गया है।
शिक्षक सिर्फ पढ़ाता ही नहीं, बल्कि राष्ट्र का निर्माण करता है: बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह
कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षक केवल कक्षाओं में पढ़ाने का काम नहीं करता, बल्कि वह भावी पीढ़ी को तराशकर संपूर्ण राष्ट्र का निर्माण करता है। प्रदेश का शिक्षक समुदाय काफी लंबे समय से अपने और अपने परिवार के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था की मांग कर रहा था, जो आज मुख्यमंत्री के हाथों पूरी होने जा रही है। यह महज एक सरकारी सुविधा नहीं है, बल्कि सरकार द्वारा अपने शिक्षक परिवारों के साथ हर सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का प्रमाण है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि जब शिक्षक स्वास्थ्य और आर्थिक चिंताओं से पूरी तरह मुक्त होगा, तभी वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे सकेगा और नौनिहालों के भविष्य को उज्ज्वल बना पाएगा।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि इस ऐतिहासिक अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) भी हस्ताक्षरित होगा। इसके तहत शिक्षकों को लाइफ इंश्योरेंस, एक्सीडेंटल क्लेम और फिजिकल डैमेज जैसी अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाएं भी प्राप्त होंगी, जिसमें उनके बच्चों की शिक्षा का कवरेज भी शामिल है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बेसिक शिक्षा के स्कूलों की यह पहचान नहीं थी, लेकिन आज स्थितियां बदल चुकी हैं। इसी क्रम में 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय' अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 12 उत्कृष्ट विद्यालयों को सम्मानित भी किया जाएगा।
शिक्षकों को अब इलाज के लिए नहीं भटकना पड़ेगा: माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने इस दिन को प्रदेश के शिक्षा जगत के लिए एक स्वर्णिम और ऐतिहासिक क्षण करार दिया। उन्होंने कहा कि काशी की पवित्र भूमि से इस कल्याणकारी सुविधा की शुरुआत होना अत्यंत सौभाग्य की बात है। राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के मोर्चे पर अभूतपूर्व काम किए हैं। आज से शिक्षकों को किसी भी आपातकालीन स्थिति में इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। जब परिवार सुरक्षित और सुखी रहता है, तभी इंसान एकाग्रचित्त होकर काम कर पाता है।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री के विजन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में अपराध, नकल माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ जो सख्त रुख अपनाया गया, उसी का परिणाम है कि इस बार की बोर्ड परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन संपन्न हुईं। अयोध्या में हुए चंदा चोरी के मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की कड़क जांच टीमों के आगे कोई भी आरोपी बच नहीं सकता। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि 'प्रोजेक्ट अलंकार' के तहत राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों का कायाकल्प किया जा रहा है। प्रदेश में आईसीटी (ICT) लैब की स्थापना के साथ-साथ 18 माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक 'ड्रीम लैब' स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके लिए समझौते पूरे हो चुके हैं।
1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में भेजे जाएंगे पैसे
इस राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से कुल 1,200 रुपये की धनराशि सीधे हस्तांतरित करेंगे। यह राशि बच्चों के स्कूल यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, बैग और स्टेशनरी खरीदने के लिए प्रदान की जा रही है। इस कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच साझा करेंगे।
एसबीआई के साथ बड़ा समझौता और स्वच्छ विद्यालयों का सम्मान
शिक्षकों, कर्मचारियों और संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देने के उद्देश्य से कार्यक्रम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया जाएगा, जिससे करीब 10 लाख कार्मिकों को बीमा और अन्य वित्तीय सुरक्षा का लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री राष्ट्रीय स्तर पर 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय' मानक को पूरा करने वाले प्रदेश के 12 प्रमुख विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को मंच से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी करेंगे।


