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    जन्मदिन पर घर आने का था इंतजार, अब तिरंगे में लिपटकर पहुंचा राजस्थान के जवान का शव

    झुंझुनूं। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मंडावा क्षेत्र स्थित पीपल का बास गांव में इन दिनों मातम पसरा हुआ है। देश सेवा का जज्बा दिल में लिए भारतीय वायुसेना में तैनात 22 वर्षीय जांबाज सैनिक आर्यन झाझड़िया के असामयिक निधन की खबर ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। चेन्नई में ड्यूटी के दौरान पानी में डूबने से वीर गति को प्राप्त हुए इस युवा कंप्यूटर ऑपरेटर का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा, हर आंख नम हो गई। प्रशासन और सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में आज पूरे राजकीय सम्मान और सैन्य प्रोटोकॉल के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    जन्मदिन की खुशियां और घर आने का इंतजार पलभर में बदला मातम में

    शहीद आर्यन के घर पर आगामी 14 जुलाई को उनके 23वें जन्मदिन को लेकर बेहद खास तैयारियां चल रही थीं। मां अपने लाडले की पसंद के पकवानों की सूची तैयार कर रही थी, तो बस ऑपरेटर पिता भागीरथ झाझड़िया और मां सरोज देवी छुट्टी के दौरान बेटे के साथ बिताए जाने वाले पलों की योजनाएं बुन रहे थे। इसी शुक्रवार को आर्यन छुट्टी पर घर आने वाले थे, जहां उन्हें अपना ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाना था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सेना से आई एक दुखद फोन कॉल ने परिवार की तमाम खुशियों को एक झटके में गहरे सदमे और आंसुओं में तब्दील कर दिया।

    इकलौते पुत्र के नाम पर पिता संचालित करते हैं बस सेवा

    वायुसेना के जवान आर्यन अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और उनसे छोटी एक विवाहित बहन है। बेटे की इस कामयाबी और देश सेवा के प्रति उनके समर्पण से गौरवान्वित होकर पिता ने अपनी स्थानीय बस सेवा का नाम भी 'आर्यन बस सर्विस' रखा था। ढाई साल पहले जब आर्यन का चयन भारतीय वायुसेना में हुआ था, तब पूरे मंडावा क्षेत्र में जश्न मनाया गया था। आज वही इकलौता बेटा जब तिरंगे में लिपटकर आखिरी बार अपने घर की चौखट पर पहुंचा, तो माता-पिता सहित पूरे गांव का कलेजा फट गया।

    संगरिया और चिड़ावा से पूरा किया देश सेवा का सपना

    आर्यन बचपन से ही बेहद अनुशासित, मिलनसार और पढ़ाई में अव्वल रहने वाले होनहार छात्र थे। उन्होंने अपनी उच्च माध्यमिक यानी 12वीं तक की शिक्षा हनुमानगढ़ जिले के संगरिया स्थित केआर स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद देश की रक्षा करने के अपने बचपन के सपने को उड़ान देने के लिए वे चिड़ावा में सैन्य भर्ती की तैयारियों में जुट गए। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर करीब ढाई वर्ष पूर्व वे भारतीय वायुसेना के तकनीकी विंग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर भर्ती हुए थे और वर्तमान में देश के दक्षिणी हिस्से चेन्नई में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

    दिल्ली के रास्ते पैतृक गांव पहुंचा पार्थिव शरीर

    हादसे की सूचना मिलते ही शहीद के मामा और परिवार के अन्य सदस्य तुरंत चेन्नई के लिए रवाना हुए थे, जहां उन्होंने सैन्य अधिकारियों की मदद से पोस्टमार्टम और अन्य जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। इसके बाद वायुसेना के विशेष विमान के जरिए मंगलवार की रात को पार्थिव देह को दिल्ली लाया गया, जहां से बुधवार की सुबह उसे झुंझुनूं के पैतृक गांव पहुंचाया गया। अंतिम विदाई के इस भावुक क्षण में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अमले और हजारों की संख्या में उमड़े देशभक्तों ने नम आंखों से भारत माता के इस वीर सपूत को सेल्यूट किया।

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