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    तेज बारिश के बाद बड़ा हादसा, आगरा के घने बाजार में भरभराकर गिरी दुकान

    आगरा। उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर आगरा के सबसे व्यस्त और घने व्यावसायिक क्षेत्र सुभाष बाजार में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसी है। पिछले बारह घंटों से अधिक समय से जारी अनवरत वर्षा के कारण बुधवार को एक बेहद खौफनाक और बड़ा हादसा घटित हो गया। बाजार में स्थित एक पुरानी दुकान के नीचे की जमीन अचानक पूरी तरह धंस गई, जिससे वह बहुमंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर मलबे में तब्दील हो गई। इस भयानक दुर्घटना के वक्त दुकान के भीतर मौजूद तीन लोग मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गए, जिससे पूरे व्यापारिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

    अचानक भरभराकर जमींदोज हुई दुकान और मची भारी चीख-पुकार

    सुभाष बाजार में सुबह के समय जब व्यापारी अपनी दुकानों को खोलने और रोजमर्रा के कामकाज में जुटे थे, तभी एक जोरदार धमाके जैसी आवाज के साथ जमीन धंसने लगी। देखते ही देखते कंक्रीट का एक बड़ा ढांचा मलबे के ढेर में बदल गया, जिससे आसपास की अन्य दुकानों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है। इमारत के अचानक गिरने से बाजार में मौजूद ग्राहकों और राहगीरों के बीच अपनी जान बचाने के लिए भगदड़ मच गई। चारों तरफ धूल का गुबार छा जाने और मलबे से आ रही चीख-पुकार के बाद स्थानीय दुकानदारों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू किया।

    सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा भारी दलबल और शुरू हुआ रेस्क्यू

    हादसे की भयावहता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए और घटना की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस, फायर ब्रिगेड तथा आपदा प्रबंधन की विशेष टीमों को एम्बुलेंस के साथ मौके पर रवाना किया। संकरी गलियां होने के कारण राहत और बचाव दलों को शुरुआत में मलबे तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद सुरक्षाकर्मियों ने स्थानीय युवाओं की मदद से लोहे के सरियों और भारी पत्थरों को हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया ताकि नीचे दबे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

    लाखों की आबादी वाले व्यस्ततम बाजार में उमड़ी लोगों की भारी भीड़

    यह दुर्घटना आगरा के केंद्र में स्थित एक बेहद लोकप्रिय और व्यस्त बाजार में होने के कारण कुछ ही मिनटों में पूरे शहर में यह खबर आग की तरह फैल गई। मलबे में दबे अपनों की सलामती की दुआ करने और रेस्क्यू ऑपरेशन को देखने के लिए हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक और व्यापारियों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने और बचाव कार्य को बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे सुभाष बाजार क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है और मुख्य मार्गों से आने वाले यातायात को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट कर दिया है।

    पुरानी और जर्जर व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल

    इस दर्दनाक हादसे ने शहर के पुराने और घने बाजारों में स्थित जर्जर दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम और संबंधित विभागों द्वारा मानसून से पहले इन पुरानी इमारतों का कोई सेफ्टी ऑडिट नहीं कराया गया, जिसके चलते लगातार हुई बारिश ने मिट्टी को कमजोर किया और यह हादसा हो गया। व्यापारियों ने मांग की है कि मलबे में फंसे लोगों को निकालने के बाद प्रशासन को पूरे बाजार की इमारतों की जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य बेगुनाह की जान खतरे में न पड़े।

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