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    सौर ऊर्जा उत्पादन से किसान बनें ऊर्जादाता, मुख्यमंत्री को भेजा सुझाव-पत्र

    सौर ऊर्जा नीति में बदलाव कर किसानों को प्रोत्साहन देने की मांग, ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रिड स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव

    भरतपुर। समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने राज्य सरकार से किसानों को सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम सुझाव-पत्र भेजा है। उन्होंने आग्रह किया है कि प्रदेश में ऐसी नीति बनाई जाए, जिससे किसान अन्न उत्पादन के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

    सुझाव-पत्र में कहा गया है कि राजस्थान में वर्षभर पर्याप्त धूप उपलब्ध होने के कारण राज्य सौर ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं रखता है। यदि किसानों के लिए विशेष सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना लागू की जाती है तो राजस्थान देश का अग्रणी सौर ऊर्जा उत्पादक राज्य बन सकता है।

    सीताराम गुप्ता ने सुझाव दिया कि किसानों को अपने खेतों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए विशेष सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर 33/11 केवी ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किए जाएं, ताकि किसान अपने खेतों में उत्पादित बिजली सीधे स्थानीय ग्रिड को उपलब्ध करा सकें। उनका कहना है कि इससे विद्युत हानि कम होगी, लंबी ट्रांसमिशन लाइनों पर निर्भरता घटेगी और स्थानीय स्तर पर ऊर्जा प्रबंधन अधिक प्रभावी बन सकेगा।

    उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि किसानों द्वारा उत्पादित सौर ऊर्जा का खरीद मूल्य वर्तमान दर से बढ़ाकर कम से कम 4.50 रुपये प्रति यूनिट किया जाए, जिससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सके और अधिक किसान इस क्षेत्र में निवेश के लिए प्रेरित हों।

    सुझाव-पत्र में लगभग दो करोड़ रुपये लागत वाली सौर परियोजनाओं के लिए शुरुआती दो वर्षों में 50 लाख रुपये तक पूंजीगत अनुदान देने की भी मांग की गई है। उनका कहना है कि इससे छोटे और मध्यम किसान भी सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़ सकेंगे।

    सीताराम गुप्ता ने कहा कि किसानों को उत्पादित बिजली के स्थानीय उपयोग के लिए तेल मिल, आटा चक्की, शीतगृह, कृषि प्रसंस्करण इकाइयों तथा अन्य कृषि आधारित लघु उद्योग स्थापित करने हेतु भी विशेष प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता प्रदान की जानी चाहिए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन होगा।

    उन्होंने कहा कि यदि इन सुझावों को राज्य की सौर ऊर्जा नीति में शामिल किया जाता है तो किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जादाता और ग्रामीण उद्यमी के रूप में भी उभरेंगे। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा विकसित राजस्थान और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को गति मिलेगी।

    समृद्ध भारत अभियान के निदेशक ने मुख्यमंत्री से राज्यहित, किसानहित और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इन सुझावों पर सकारात्मक विचार करने का आग्रह किया है।

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