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    नमाज पढ़ते समय मथुरा की जामा मस्जिद में गिरा गुंबद का मलबा, बाल-बाल बचे लोग

    मथुरा। कान्हा की नगरी के व्यस्ततम चौक बाजार इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मस्जिद के विशाल गुंबद का एक हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया। तेज आवाज के साथ हुए इस हादसे से पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय मस्जिद के भीतर नमाजी मौजूद थे, लेकिन मलबा सुरक्षित हिस्से पर गिरने के कारण किसी को चोट नहीं आई।

    धमाके की आवाज से सहम गए लोग

    घटना के वक्त आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज गूंजी। चौक बाजार में दुकान चलाने वाले सचिन अग्रवाल और अन्य स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, आवाज इतनी तेज थी कि पहली बार में लोगों को किसी बड़े विस्फोट का अंदेशा हुआ। डर के मारे लोग अपनी दुकानों और घरों से बाहर की तरफ भागे। बाहर आकर जब देखा तो पता चला कि जामा मस्जिद के ऊपरी गुंबद का एक बड़ा टुकड़ा टूटकर नीचे गिर चुका था। राहत की बात यह रही कि गुंबद का यह मलबा नीचे मुख्य सड़क पर न गिरकर मस्जिद की ही ऊपरी छत पर अटक गया।

    टला बड़ा हादसा, सड़क पर मच सकती थी चीख-पुकार

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि बुधवार शाम को बाजार में हमेशा की तरह चहल-पहल थी और राहगीरों की आवाजाही जारी थी। अगर गुंबद का भारी-भरकम मलबा सीधे नीचे सड़क पर गिरता, तो वहां मौजूद कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे और बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। मलबे के छत पर ही रुक जाने से एक भयानक त्रासदी होने से बच गई। इस घटना के फौरन बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते हादसे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गए।

    मस्जिद कमेटी की चुप्पी, जांच और मरम्मत की मांग

    इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जब जामा मस्जिद प्रबंधन कमेटी से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फिलहाल इस पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। शुरुआती कयासों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से इलाके में हो रही लगातार बारिश की वजह से ऐतिहासिक इमारत का प्लास्टर और बाहरी ढांचा कमजोर हो गया होगा, जिससे यह हिस्सा टूटकर गिरा। हालांकि, हादसे की सही वजहों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। वहीं, स्थानीय जनता ने प्रशासन से मांग की है कि इस ऐतिहासिक और प्राचीन इमारत की सुरक्षा के मद्देनजर इसकी पूरी जांच कराई जाए और जल्द से जल्द जरूरी मरम्मत का काम शुरू हो, ताकि भविष्य में ऐसा कोई खतरा दोबारा न पैदा हो।

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