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    निवेशकों की पहली पसंद बना राजस्थान, 267 करोड़ के 177 भूखंडों का होगा आवंटन

    जयपुर। राज्य सरकार की उद्योग एवं निवेश संवर्द्धन नीतियों का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। निवेशकों का बढ़ता विश्वास इस बात का प्रमाण है कि उद्यमी अब अन्य राज्यों की अपेक्षा राजस्थान में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण रीको द्वारा हाल ही में आयोजित भूखण्ड नीलामी (ऑक्शन) में देखने को मिला। इसमें रीको को 184 भूखण्डों के लिए 481 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए। 177 भूखण्डों पर सफलतापूर्वक बिडिंग संपन्न हुई जिनका क्षेत्रफल करीब 36 एकड़ तथा मूल्य लगभग 267 करोड़ रुपये है।

    इस नीलामी में औद्योगिक भूखण्डों के साथ-साथ कियोस्क, होटल, वे-ब्रिज, स्कूल, दुकानें, पेट्रोल पंप तथा कमर्शियल शोरूम जैसी विभिन्न श्रेणियों के भूखण्ड भी उद्यमियों के लिए उपलब्ध कराए गए। नीलामी में अजमेर, अलवर, बालोतरा, बांसवाड़ा, बोरानाडा, जयपुर, झालावाड़, पाली, कोटा, सवाई माधोपुर और उदयपुर सहित अनेक जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया।

    इन भूखण्डों पर स्थापित होने वाली औद्योगिक एवं व्यावसायिक इकाइयां न केवल राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के व्यापक अवसर भी सृजित करेंगी। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

    रीको के प्रबंध निदेशक श्री सुरेश कुमार ओला ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्यमिता और औद्योगिक विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि राजस्थान के अधिकाधिक युवा स्वयं उद्यम स्थापित करें और रोजगार प्राप्त करने वाले नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाले बनें। इसी विजन को साकार करने के लिए रीको अपनी प्रक्रियाओं और नीतियों का लगातार सरलीकरण करते हुए उद्योग स्थापना को अधिक सुगम बना रहा है।

    उन्होंने बताया कि भूखण्ड आवंटन के साथ-साथ रीको फ्लेटेड फैक्ट्री में प्लग एंड प्ले मॉड्यूल भी लाइसेंस फीस के आधार पर उपलब्ध करा रहा है, जिससे उद्यमी कम लागत और कम समय में अपनी औद्योगिक इकाई प्रारंभ कर सकें। सीतापुरा स्थित फ्लेटेड फैक्ट्री में 6 मॉड्यूल के लिये 8 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनसे रीको को प्रतिमाह लगभग 1.50 लाख रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) का राजस्व प्राप्त होगा। इन मॉड्यूल्स में मध्यम एवं लघु उद्योग स्थापित होंगे। रीको का उद्देश्य मॉड्यूल के माध्यम से कम लागत में उद्यमियों को आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना उपलब्ध कराकर अधिकाधिक उद्योगों को धरातल पर स्थापित करना है। 

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