टीकाराम जूली बोले- लगातार प्रसूताओं की मौतों से प्रदेश स्तब्ध, स्वास्थ्य मंत्री की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की लगातार हो रही मौतों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश इस समय गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है और हालात चिंताजनक हैं।
शनिवार को जारी बयान में टीकाराम जूली ने कहा कि भीलवाड़ा में छह दिनों के भीतर पांच प्रसूताओं की मौत सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से सामने आ रही घटनाएं अत्यंत दुखद और चिंता का विषय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे संवेदनशील समय में सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री की कार्यशैली पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब प्रदेश में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, तब सरकार की संवेदनशीलता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल बताया।
जूली ने कहा कि कभी देश के लिए उदाहरण मानी जाने वाली राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था आज गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। उन्होंने कोटा, बीकानेर, जोधपुर और भीलवाड़ा की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने आग्रह किया कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा के लिए तत्काल उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई जाए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, अस्पतालों में संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि प्रसूताओं की मौत के सभी मामलों की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रभावी और समयबद्ध कार्ययोजना लागू की जाए।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


