जबलपुर: मध्य प्रदेश के ऊर्जा सेक्टर और शासकीय सेवा में कार्यरत बिजली कर्मियों के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक और उत्सव जैसा साबित हुआ है। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) के कुल 1,417 नियमित अधिकारियों और कर्मचारियों के चेहरों पर उस वक्त बड़ी मुस्कान तैर गई, जब कंपनी प्रबंधन ने लंबे समय से प्रतीक्षित उच्च पदों के प्रमोशन ऑर्डर्स (पदोन्नति आदेश) आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए।
यह पूरी बड़ी और पारदर्शी कवायद 'मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025' के कड़े प्रावधानों तथा राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशा-निर्देशों के तहत पूरी की गई है। इस बड़े फैसले के बाद कंपनी के विभिन्न दफ्तरों, पावर प्लांटों और सब-स्टेशनों में कार्यरत कर्मियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और बधाई देकर इस कामयाबी का जश्न मनाया।
चतुर्थ श्रेणी से लेकर प्रथम श्रेणी तक के अधिकारियों को मिला लाभ; जबलपुर मुख्यालय से हुआ केंद्रीकृत आदेश जारी
जबलपुर स्थित मुख्य प्रशासनिक मुख्यालय से जारी किए गए इस व्यापक और महत्वपूर्ण संगठित आदेश के तहत कंपनी ने किसी एक वर्ग को नहीं, बल्कि निचले स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक के सभी सुपात्र कार्मिकों को कवर किया है। इस वृहद पदोन्नति सूची का श्रेणीवार वर्गीकरण कुछ इस प्रकार है:
प्रथम श्रेणी (क्लास-1): इस उच्च संवर्ग के कुल 71 वरिष्ठ अधिकारियों को पदोन्नत कर और अधिक प्रशासनिक व तकनीकी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
द्वितीय श्रेणी (क्लास-2): कंपनी के सुचारू संचालन में मुख्य रीढ़ माने जाने वाले 336 द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को इस सूची के जरिए उच्च पद का लाभ दिया गया है।
तृतीय श्रेणी (क्लास-3): सबसे बड़ा लाभ इस वर्ग को मिला है, जिसके तहत 948 तृतीय श्रेणी के तकनीकी और गैर-तकनीकी कर्मचारियों को प्रमोट किया गया है।
चतुर्थ श्रेणी (क्लास-4): मैदानी स्तर पर दिन-रात मेहनत करने वाले 62 चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों को भी इस पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल कर उनका मान बढ़ाया गया है।
इस पूरी चयन और संवर्धन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में कंपनी के शीर्ष प्रबंधन की भूमिका सबसे मुख्य रही। यह बड़ी प्रशासनिक सर्जरी कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, निदेशक (तकनीकी) सुबोध निगम, निदेशक (वाणिज्य) मिलिंद भांदक्कर और कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) दीपक कश्यप की सीधी देखरेख, कड़े पर्यवेक्षण और सघन मॉनिटरिंग में पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। कई सालों से अटके इस प्रमोशन के क्लियर होने से प्रदेश के विभिन्न कोनों में स्थित ताप विद्युत गृहों (थर्मल पावर प्लांट्स) और जल विद्युत गृहों (हाइड्रो पावर प्लांट्स) में काम करने वाले इंजीनियर्स और स्टाफ में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
सेवा रिकॉर्ड और योग्यता का हुआ गहन परीक्षण; अब बेरोजगार युवाओं के लिए भी खुलेंगे नई भर्तियों के द्वार
कंपनी के मानव संसाधन (HR) विभाग ने इस बड़ी सूची को जारी करने से पहले कई महीनों तक बेहद बारीकी से काम किया। अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों के पिछले कई वर्षों के सेवा अभिलेखों (सर्विस रिकॉर्ड), उनकी विभागीय वरिष्ठता (सिनियोरिटी), गोपनीय चरित्रावली (ACR) और कार्यस्थल पर उनकी योग्यता व दक्षता का कड़ा और निष्पक्ष परीक्षण किया, जिसके बाद ही इस फाइनल लिस्ट पर मुहर लगाई गई।
इस बड़े प्रशासनिक फैसले का एक और सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू यह निकलकर सामने आ रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के ऊंचे पदों पर प्रमोट होने से निचले और शुरुआती स्तर के हजारों पद अब पूरी तरह से रिक्त (खाली) हो गए हैं। इन खाली पदों के बनने से अब मध्य प्रदेश के उन लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए सरकारी बिजली कंपनियों में नई सीधी भर्तियों (डायरेक्ट रिक्रूटमेंट) का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है जो बिजली विभाग में नौकरी का सपना देख रहे हैं।
10 वर्षों में दोगुना हुआ बिजली का उत्पादन; 2 यूनिट से बढ़कर 13 तक पहुंची लगातार चलने वाली इकाइयां
अगर कंपनी के पिछले एक दशक के सफरनामे और उसकी प्रगति रिपोर्ट पर नजर डालें, तो मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यह पदोन्नति कर्मचारियों को उनके इसी कठिन परिश्रम के पुरस्कार के रूप में दी गई है:
उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी: वित्तीय वर्ष 2016-17 में जहां कंपनी का कुल बिजली उत्पादन महज 14.47 बिलियन यूनिट दर्ज किया गया था, वह वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अविश्वसनीय रूप से बढ़कर 26.58 बिलियन यूनिट के सर्वकालिक उच्च स्तर (ऑल-टाइम हाई) तक पहुंच चुका है।
उत्पादन इकाइयों की कार्यकुशलता: बिना रुके लगातार 100 दिनों से अधिक समय तक बिजली बनाने वाली उत्पादन इकाइयों (पावर जनरेशन यूनिट्स) की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है। एक दशक पहले जहाँ ऐसी सिर्फ 2 इकाइयां थीं, वहीं आज कर्मचारियों की बेहतरीन देखरेख की बदौलत इनकी संख्या बढ़कर 13 हो चुकी है।
अधिकारियों का अनुभव और युवाओं का जोश मिलकर कंपनी को ले जाएंगे नई ऊंचाइयों पर: एमडी मनजीत सिंह
इस ऐतिहासिक पदोन्नति आदेश के जारी होने पर कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने सभी प्रमोट हुए कार्मिकों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि यह पदोन्नति केवल एक पद का बदलाव नहीं है, बल्कि कर्मचारियों द्वारा वर्षों से कंपनी के प्रति निभाई गई उनकी निष्ठा, अटूट जिम्मेदारी और कठिन परिश्रम का एक बड़ा सम्मान है।
उन्होंने आगे कहा कि आज राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश की बिजली कंपनी की जो साख और विश्वसनीयता लगातार बढ़ रही है, उसकी पूरी मजबूत नींव हमारे इन्हीं कर्मठ कर्मचारियों के पसीने पर टिकी है। एमडी ने पदोन्नत अधिकारियों को सचेत करते हुए यह भी कहा कि ऊंचे पद के साथ अब उनकी सांगठनिक जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है, क्योंकि अब उन्हें अपने लंबे अनुभवों का इस्तेमाल करके कंपनी में नए आने वाले युवा साथियों का मार्गदर्शन करना होगा और उन्हें आगे बढ़ाना होगा। प्रशासनिक पारदर्शिता को प्राथमिकता देने वाला यह बड़ा निर्णय आने वाले समय में राज्य की उत्पादन क्षमता को और अधिक गति प्रदान करेगा, जिससे मध्य प्रदेश पूरी तरह से ऊर्जा सरप्लस राज्य बना रहेगा।


