वॉशिंगटन: समुद्र की लहरों को चीरती हुई एक ऐसी खामोश आफत, जो पानी की सतह से सटकर बेहद तेजी से आगे बढ़ती है और जब तक दुश्मन के रडार को इसका अहसास होता है, तब तक तबाही मच चुकी होती है। अमेरिकी नौसेना ने रक्षा इतिहास में पहली बार युद्ध के मैदान में अपने जिस 'कोर्सेर सी-ड्रोन' को उतारा है, उसने आधुनिक नौसैनिक जंग की पूरी परिभाषा ही बदल दी है। लगभग 1,850 किलोमीटर की अचूक मारक क्षमता और 75 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से दौड़ने वाला यह मानवरहित आत्मघाती युद्धपोत समंदर में रोंगटे खड़े कर देने वाला हथियार है। ईरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले बंदर अब्बास नेवल बेस पर भीषण हमला कर इस सी-ड्रोन ने यह साबित कर दिया है कि अब विरोधी सेना का कोई भी बड़ा युद्धपोत या पनडुब्बी इससे सुरक्षित नहीं है।
रडार की पहुंच से दूर और एआई से लैस
यह ड्रोन आकार में बेहद छोटा है और इसका ढांचा पानी की सतह से बिल्कुल चिपककर आगे बढ़ता है, जिसकी वजह से दुश्मन के पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम और तटीय रडार इसे पकड़ने में पूरी तरह नाकाम रहते हैं। यह कोई साधारण जासूसी ड्रोन नहीं, बल्कि एक खतरनाक आत्मघाती हथियार है। इसके अगले हिस्से में 453 किलोग्राम तक के अत्यंत विनाशकारी विस्फोटक लोड किए जा सकते हैं, और यह सीधे दुश्मन के ठिकाने या युद्धपोत से टकराकर खुद को उड़ा लेता है। कोर्सेर ड्रोन में एडवांस्ड जीपीएस एंटी-जैमिंग तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया गया है। इसका फायदा यह है कि अगर दुश्मन इसके सिग्नल को ब्लॉक करने की कोशिश भी करे, तो भी यह अपने एआई कैमरों की मदद से लक्ष्य को ढूंढकर सटीक निशाना लगाने में सक्षम है।
यूक्रेन युद्ध से सीखकर बदली रणनीति
अमेरिकी नौसेना की 'टास्क फोर्स 59' द्वारा संचालित इस सी-ड्रोन का ईरान के सबमरीन बेस पर हमला करना वैश्विक सैन्य इतिहास में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। अब तक समुद्री जंग में करोड़ों डॉलर के गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर या लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल होता था, जिसमें पायलटों की जान का जोखिम भी रहता था। लेकिन अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध के अनुभवों से सीख लेते हुए अपनी रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है। महज 35 से 50 हजार डॉलर की लागत वाले इस सी-ड्रोन ने बिना किसी अमेरिकी सैनिक की जान खतरे में डाले ईरान की करोड़ों डॉलर की पनडुब्बी मरम्मत सुविधा (सबमरीन मेंटेनेंस फैसिलिटी) को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में नया काल
होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) जैसे बेहद संकरे और संवेदनशील समुद्री रास्तों में, जहां बड़े युद्धपोतों को मोड़ना और बचाना बेहद मुश्किल होता है, वहां यह ड्रोन विरोधी नौसेना के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है। इसकी बिल्कुल शांत गति और अचूक मारक क्षमता इसे ऐसे सामरिक महत्व वाले क्षेत्रों में सबसे प्रभावी और घातक हथियार बनाती है।


