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    नशे के कारोबार से बनाई करोड़ों की संपत्ति, शिमला पुलिस ने कसा शिकंजा

    शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए नशे के काले कारोबार से अर्जित की गई लगभग 2.28 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को पूरी तरह से जब्त कर लिया है। एनडीपीएस (NDPS) कानून के अंतर्गत की गई गहन वित्तीय जांच के बाद यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस कार्रवाई के दायरे में मुख्य रूप से बालूगंज और कोटखाई पुलिस थानों में दर्ज दो बड़े आपराधिक मामले शामिल हैं।

    नशा तस्करों के आर्थिक साम्राज्य पर पुलिस का कड़ा प्रहार

    शिमला पुलिस ने अब अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब पुलिस का ध्यान केवल अपराधियों को जेल भेजने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वे उनकी अवैध कमाई से खड़ी की गई काली संपत्तियों को भी कुर्क कर रहे हैं। वर्ष 2026 में शिमला पुलिस ने अब तक कुल 4.11 करोड़ रुपये की बेनामी और अवैध संपत्ति जब्त की है, जो पूरे हिमाचल प्रदेश में किसी भी जिला पुलिस द्वारा की गई सबसे बड़ी कार्रवाई है।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने दी मामलों की विस्तृत जानकारी

    मामले की जानकारी देते हुए शिमला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेहर पंवर ने बताया कि पुलिस विभाग नशे के सौदागरों की रीढ़ तोड़ने के लिए लगातार सक्रिय है। इस अभियान के तहत पहला बड़ा मामला सितंबर 2024 में कोटखाई थाने में एनडीपीएस कानून के तहत दर्ज किया गया था। इस मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस की विशेष टीम ने कुल 17 आरोपियों की वित्तीय कुंडली खंगाली और उनकी आय के स्रोतों की गहनता से जांच की।

    काली कमाई और घोषित आय के बीच मिला भारी अंतर

    वित्तीय जांच के दौरान पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए। आरोपियों ने नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से करोड़ों रुपये कमाए थे। इस काली कमाई से उन्होंने 16 गाड़ियां, दो आलीशान आवासीय अपार्टमेंट और एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत खरीदी थी। जब इन सभी चल-अचल संपत्तियों का मूल्यांकन किया गया, तो इनकी कुल कीमत करीब 2 करोड़ 5 लाख रुपये आंकी गई।

    वैध आय का प्रमाण न मिलने पर पूरी संपत्ति हुई कुर्क

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि आरोपियों के पास इस विशाल संपत्ति को खरीदने के लिए कोई भी वैध जरिया या आय का कानूनी प्रमाण मौजूद नहीं था। उनकी घोषित कमाई और इस बेहिसाब संपत्ति के बीच कोई तालमेल नहीं पाए जाने के कारण पुलिस प्रशासन ने कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए इस पूरी संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस का यह कड़ा कदम भविष्य में नशा तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में मददगार साबित होगा।

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