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    विप्रो के नतीजों का असर, शेयर में आगे क्या करें निवेशक? एनालिस्ट्स ने बताया प्लान

    मुंबई। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी विप्रो के शेयरों में आज यानी 17 जुलाई को भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। कंपनी द्वारा 16 जुलाई को बाजार बंद होने के बाद घोषित किए गए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (जून तिमाही) के कमजोर वित्तीय नतीजों का सीधा असर आज इसके शेयर की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। पिछले छह महीनों के दौरान विप्रो का शेयर लगभग 29 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है, जबकि इस अवधि में निफ्टी आईटी इंडेक्स में भी करीब 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का शुद्ध लाभ बाजार के अनुमानों से काफी कम रहने के कारण अब निवेशकों के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इस आईटी शेयर में उन्हें बने रहना चाहिए या बाहर निकल जाना चाहिए।

    बिकवाली की सलाह देने वाले विश्लेषकों की संख्या बढ़ी

    विप्रो के तिमाही प्रदर्शन के बाद शेयर बाजार के विशेषज्ञों और विश्लेषकों के बीच इसे लेकर चिंता बढ़ गई है। वर्तमान में इस शेयर पर नजर रखने वाले 45 प्रमुख विश्लेषकों में से 19 ने निवेशकों को इस शेयर को तुरंत बेचने यानी 'सेल' की रेटिंग दी है। जून 2025 के बाद से यह पहला मौका है जब विप्रो के शेयरों को बेचने की सलाह देने वाले विशेषज्ञों की संख्या अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि, मौजूदा बाजार भाव पर कंपनी का डिविडेंड यील्ड लगभग 5 प्रतिशत के आकर्षक स्तर पर बना हुआ है, जिसके कारण कुछ बड़े ब्रोकरेज घराने और निवेशक अभी भी इस शेयर को लेकर अपनी बंटी हुई राय रख रहे हैं।

    विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने जताया भरोसा

    कमजोर नतीजों के बावजूद विदेशी ब्रोकरेज हाउस नोमुरा ने विप्रो के प्रति अपना सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। नोमुरा ने इस शेयर पर अपनी 'खरीदें' (बाय) की रेटिंग को यथावत रखते हुए इसके लिए 190 रुपये का भविष्य का लक्ष्य तय किया है। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि भले ही जून तिमाही के वित्तीय आंकड़े और अगली तिमाही के लिए कंपनी का राजस्व अनुमान बाजार की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है, लेकिन वर्तमान में मिल रहा 5 प्रतिशत का मजबूत डिविडेंड यील्ड इस शेयर को निचले स्तरों पर एक मजबूत सहारा प्रदान करेगा जिससे इसमें और बड़ी गिरावट की आशंका सीमित हो जाती है।

    जेफरीज ने जैविक विकास में ठहराव की जताई आशंका

    इसके विपरीत, वैश्विक ब्रोकरेज दिग्गज जेफरीज ने विप्रो के प्रदर्शन पर काफी निराशा जताई है और शेयर को 'अंडरपरफॉर्म' की रेटिंग देते हुए इसका टारगेट प्राइस घटाकर 150 रुपये कर दिया है। जेफरीज के विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की पहली तिमाही के नतीजे और दूसरी तिमाही का रिवेन्यू गाइडेंस बेहद निराशाजनक है। ब्रोकरेज फर्म ने रेखांकित किया कि कंपनी पिछले तीन सालों से अपनी ऑर्गेनिक यानी मुख्य व्यावसायिक ग्रोथ को बढ़ाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है और आने वाले वित्त वर्ष 2027 में भी इस स्थिति में किसी बड़े और सकारात्मक बदलाव की उम्मीद बेहद कम नजर आ रही है।

    मोतीलाल ओसवाल का न्यूट्रल रुख और मार्जिन पर दबाव

    घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने भी विप्रो के शेयर पर अपना रुख तटस्थ यानी 'न्यूट्रल' रखा है और इसके लिए 160 रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है। पहली तिमाही में कंपनी के परिचालन मार्जिन में आई गिरावट के बाद, जो कि पिछले चार वर्षों में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, ब्रोकरेज हाउस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनी के अर्निंग प्रति शेयर (ईपीएस) के अनुमान में 3.5 प्रतिशत की कटौती कर दी है। उतार-चढ़ाव के इस दौर में, जहां 16 जुलाई को विप्रो का शेयर मामूली बढ़त के साथ 177.7 रुपये पर बंद हुआ था, वहीं आज यानी 17 जुलाई को दोपहर के कारोबार के दौरान यह 1.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 174.81 रुपये के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।

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