कार्डिफ: भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान पर खेले गए दूसरे एकदिवसीय (ODI) मुकाबले के दौरान क्रिकेट गलियारों में एक ऐसी सनसनीखेज और चौंकाने वाली खबर ने जोर पकड़ लिया, जिसने करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया है। मैच के बीच ही खेल जगत के गलियारों में यह अपुष्ट खबर हवा में तैरने लगी कि भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक और मौजूदा दौर के दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर अब अपने अंतिम पड़ाव (खत्म होने की कगार) पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया और खेल समीक्षकों के बीच तेजी से यह दावा किया जाने लगा कि आगामी 19 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाने वाला श्रृंखला का तीसरा और अंतिम मुकाबला रोहित शर्मा के वनडे करियर का आखिरी मैच साबित हो सकता है।
इस अचानक सामने आई खबर के पीछे क्रिकेट विश्लेषकों द्वारा कई तरह के तकनीकी और रणनीतिक दावे किए जा रहे हैं। यदि इन दावों में थोड़ी भी सच्चाई है और आगामी मैच रोहित का आखिरी मैच होता है, तो व्यक्तिगत रूप से रोहित शर्मा के लिए यह एक बेहद भावुक और दुखद क्षण होगा। यह दुख सिर्फ अपना शानदार करियर खत्म होने का नहीं होगा, बल्कि इस विडंबना का भी होगा कि जिस इंग्लैंड की सरजमीं पर उनका सीमित ओवरों का करियर एक सलामी बल्लेबाज के रूप में परवान चढ़ा और इतिहास के शिखर पर पहुंचा, ठीक उसी देश की धरती पर आकर उनके करियर का सूरज हमेशा के लिए अस्त (बैठ गया) होने जा रहा है।
इंग्लैंड की धरती ने बदला था रोहित का भाग्य: मिडिल ऑर्डर फ्लॉप से 'हिटमैन' बनने की पूरी कहानी
रोहित शर्मा मौजूदा समय में टीम इंडिया के लिए बतौर ओपनर (सलामी बल्लेबाज) खेलते हैं और उनके नाम वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने का ऐसा कीर्तिमान दर्ज है जिसे तोड़ना किसी भी बल्लेबाज के लिए एक ख्वाब जैसा है। हालांकि, हालिया श्रृंखलाओं और कार्डिफ में खेले गए मुकाबलों में उनका बल्ला पूरी तरह शांत रहा है और वे रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए हैं। अंदरूनी सूत्रों और खेल मीडिया की रिपोर्ट्स की मानें तो उनकी इसी खराब फॉर्म और ढलती उम्र को देखते हुए राष्ट्रीय चयनकर्ताओं (सेलेक्टर्स) और टीम मैनेजमेंट ने उनके साथ भविष्य की योजनाओं को लेकर कड़ा रुख अखियार कर लिया है। संकेत दिए जा रहे हैं कि बोर्ड अब आगामी वर्ल्ड कप और आईसीसी टूर्नामेंट्स के मद्देनजर युवा ओपनर्स को आजमाना चाहता है और रोहित शर्मा को साफ तौर पर बता दिया गया है कि वे अब उन्हें टीम इंडिया के भविष्य के खाके में नहीं देख रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प और भावुक पहलू यह है कि रोहित शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत बतौर ओपनर नहीं की थी। साल 2007 में जब उन्होंने टीम में कदम रखा था, तब वे मध्यक्रम (मिडिल ऑर्डर) में 5वें या 6ठें नंबर पर बल्लेबाजी करते थे, जहां वे अपनी प्रतिभा के साथ न्याय नहीं कर पा रहे थे और बार-बार टीम से अंदर-बाहर हो रहे थे। उनका करियर पूरी तरह संकट में था।
ऐसे नाजुक मोड़ पर तत्कालीन महान कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी प्रयोग किया। साल 2013 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान, जो इंग्लैंड की ही धरती पर खेली गई थी, धोनी ने रोहित शर्मा को मिडिल ऑर्डर से प्रमोट करके पहली बार ओपनिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी।
धोनी के इस मास्टरस्ट्रोक प्रयोग ने इंग्लैंड की तेज और स्विंग लेती पिचों पर ऐसा जादुई रंग दिखाया कि पूरी दुनिया देखती रह गई। रोहित ने उस टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी कर न सिर्फ भारत को चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाया, बल्कि वहां से उनके 'हिटमैन' बनने का सफर भी शुरू हुआ। इंग्लैंड में मिली उस ऐतिहासिक सफलता ने न केवल भारतीय क्रिकेट के भविष्य को अगले एक दशक के लिए सुरक्षित और मजबूत बना दिया, बल्कि रोहित शर्मा के ठप पड़े करियर को भी एक नई और ऐतिहासिक दिशा में मोड़ दिया था।
खराब फॉर्म और सेलेक्टर्स का कड़ा रुख: क्या लॉर्ड्स में होगा 'हिटमैन' का अंतिम दीदार?
फॉर्म पर उठे सवाल: पिछले कुछ महीनों में रोहित शर्मा के बल्ले से उनके कद के मुताबिक पारियां नहीं निकली हैं। तेज गेंदबाजों के खिलाफ फुटवर्क का धीमा होना और शुरुआत में ही विकेट गंवा देना उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बनकर उभरा है।
युवाओं की चुनौती: शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे युवा बल्लेबाजों के आक्रामक प्रदर्शन ने सेलेक्टर्स पर वरिष्ठ खिलाड़ियों से आगे सोचने का भारी दबाव बना दिया है।
लॉर्ड्स का महत्व: 19 जुलाई को लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे मैच अब न केवल भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का फैसला करेगा, बल्कि यह मुकाबला रोहित शर्मा के प्रशंसकों के लिए भावनात्मक रूप से सबसे बड़ा मैच बन चुका है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि यदि रोहित को सेलेक्टर्स के इस कथित फैसले को बदलना है और अपने आलोचकों का मुंह बंद करना है, तो उन्हें लॉर्ड्स के मैदान पर वैसी ही एक आतिशी पारी खेलनी होगी जैसी उन्होंने 2013 और 2019 के विश्व कप में इंग्लैंड की धरती पर खेली थी।
रोहित शर्मा के शानदार वनडे करियर के कुछ ऐसे रिकॉर्ड्स जो इतिहास में अमर हैं
1. एक दिवसीय क्रिकेट में 3 दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज
रोहित शर्मा के नाम वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर (264 रन बनाम श्रीलंका) दर्ज है। इसके अलावा उन्होंने दो और दोहरे शतक लगाकर इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों से दर्ज कराया है, जिसे छू पाना भी आज के दौर में नामुमकिन लगता है।
2. एक ही विश्व कप (2019) में रिकॉर्ड 5 शतक जड़ने का अद्भुत कारनामा
साल 2019 में इंग्लैंड की ही धरती पर खेले गए आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में थे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए रिकॉर्ड 5 शतक ठोके थे, जो आज भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
3. बतौर ओपनर सबसे तेज 10,000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शामिल
सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के बाद रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल और विस्फोटक ओपनर साबित हुए हैं। उन्होंने बेहद कम पारियों में ओपनर के तौर पर बेमिसाल औसत और स्ट्राइक रेट से रन बटोरे हैं।
19 जुलाई को लॉर्ड्स में होने वाले महामुकाबले पर टिकीं पूरी दुनिया की नजरें
कार्डिफ: कार्डिफ में मिली हार के बाद टीम इंडिया जहां एक तरफ सीरीज में वापसी करने के इरादे से लॉर्ड्स के मैदान पर उतरेगी, वहीं दूसरी तरफ हर किसी की नजरें कप्तान रोहित शर्मा के हाव-भाव, उनकी बल्लेबाजी और मैच के बाद दिए जाने वाले उनके बयान पर टिकी होंगी। क्या रोहित शर्मा इस ऐतिहासिक मैदान पर एक बार फिर अपने पुराने 'हिटमैन' अवतार में नजर आकर टीम को जीत दिलाएंगे, या फिर खेल के इस मक्का (लॉर्ड्स) में भारतीय क्रिकेट के एक सुनहरे अध्याय का हमेशा-हमेशा के लिए अंत हो जाएगा? इसका अंतिम और वास्तविक फैसला 19 जुलाई की शाम को ही साफ हो सकेगा, जिसने इस साधारण द्विपक्षीय सीरीज को साल 2026 के सबसे बहुप्रतीक्षित और ऐतिहासिक मुकाबले में तब्दील कर दिया है।


