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    ‘3 इडियट्स’ के सबसे चर्चित किरदार का सच, फिल्ममेकर्स ने बताया किससे मिली प्रेरणा

    मुंबई: आमिर खान की मुख्य भूमिका वाली कल्ट क्लासिक फिल्म ‘3 इडियट्स’ को रिलीज हुए लगभग 17 साल का समय बीत चुका है, लेकिन यह मास्टरपीस फिल्म एक बार फिर सिनेमाई गलियारों में जबरदस्त चर्चा का विषय बन गई है। इस नई चर्चा की मुख्य वजह खुद सुपरस्टार आमिर खान का एक होश उड़ाने वाला बयान है। आमिर खान ने आधिकारिक तौर पर यह सनसनीखेज खुलासा किया है कि फिल्म में उनके द्वारा निभाया गया 'रैंचो' का कालजयी किरदार असल जिंदगी के मशहूर भारतीय वैज्ञानिक, शिक्षाविद् और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से प्रेरित बिल्कुल नहीं था।

    अब तक, यानी पिछले डेढ़ दशक से पूरी दुनिया और सिनेमा प्रेमी यही सच मानते आ रहे थे कि फिल्म में आमिर खान का निभाया गया 'रणछोड़दास श्यामलदास चांचड़' यानी फुंगशुंग वांगड़ू का किरदार पूरी तरह से लद्दाख के सोनम वांगचुक के जीवन पर आधारित है। अब आमिर खान के इस साफ इनकार के बाद सिनेमाई हलकों में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि अगर रैंचो का किरदार वांगचुक से प्रेरित नहीं था, तो आखिर इस बेजोड़ किरदार का आइडिया कहां से आया? आइए जानते हैं इस किरदार के पीछे छिपी असल और बेहद दिलचस्प कहानी।

    फिल्म इंस्टीट्यूट के एक रियल लाइफ स्टूडेंट से प्रेरित है रैंचो का किरदार

    ‘3 इडियट्स’ में आमिर खान के निभाए रैंचो के इस अनोखे और प्रेरणादायक किरदार को लेकर फिल्म के निर्देशक और सह-लेखक राजकुमार हिरानी ने कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में विस्तार से बातचीत की थी। इस दौरान राजू हिरानी ने इस रहस्य से पर्दा उठाते हुए बताया था कि रैंचो का यह किरदार असल में उनके फिल्म इंस्टीट्यूट (Film Institute) के एक वास्तविक छात्र के जीवन की सच्ची घटना से प्रेरित था।

    राजकुमार हिरानी ने अपने उस पुराने इंटरव्यू में इस दिलचस्प वाकये का जिक्र करते हुए बताया था:

    "आमिर खान का रैंचो का किरदार हमारे फिल्म इंस्टीट्यूट का ही एक असल कैरेक्टर रहा है। यह एक ऐसे जुनूनी इंसान की सच्ची कहानी है, जो दिल से फिल्ममेकर बनना चाहता था, लेकिन दुर्भाग्य से उसका एडमिशन फिल्म इंस्टीट्यूट में नहीं हो पाया। दूसरी तरफ उसका एक पक्का दोस्त था, जिसका एडमिशन तो हो गया था, लेकिन उसके पिता जी सिनेमा के सख्त खिलाफ थे। उनके पिता ने साफ कह दिया था कि तुम फिल्मों में नहीं जाओगे, बल्कि तुम्हें सिर्फ इंजीनियर ही बनना पड़ेगा। ऐसे में जिस लड़के का एडमिशन नहीं हुआ था, उसने एक अनोखा रास्ता चुना। वह अपने उस दोस्त की जगह, उसी के नाम का फर्जी इस्तेमाल करके फिल्म इंस्टीट्यूट में पहुंच गया और वहां क्लासेस अटेंड करने लगा।"

    बिना डिग्री की परवाह किए सिर्फ सिनेमा सीखने आया था वो असली 'रैंचो'

    • किसी को भनक तक नहीं लगी: राजकुमार हिरानी ने आगे बताया कि वह लड़का पूरे कोर्स के दौरान अपने दोस्त के नाम पर ही इंस्टीट्यूट में पढ़ता रहा और किसी भी प्रोफेसर या छात्र को इस बात की भनक तक नहीं लगी।

    • पास होने पर खुला राज: जब कोर्स पूरा हुआ और वह लड़का पास हो गया, तब जाकर लोगों को असली सच्चाई का पता चला कि उसका वास्तविक नाम तो कुछ और ही है।

    • डिग्री नहीं, ज्ञान था मकसद: जब इंस्टीट्यूट के लोगों ने उससे कहा कि तुमने पढ़ाई तो पूरी कर ली है, लेकिन तुम्हें आधिकारिक डिग्री नहीं मिल सकती क्योंकि कागजों में नाम तुम्हारे दोस्त का है, तो उस लड़के ने मुस्कुराते हुए एक ऐतिहासिक जवाब दिया। उसने कहा, "मैं यहां कोई कागजी डिग्री लेने थोड़े ही आया हूं, मैं तो सिर्फ सिनेमा की कला सीखने आया था और वो मैं पूरी तरह सीख गया।" निर्देशक राजू हिरानी के मुताबिक, रैंचो का 'ज्ञान के पीछे भागो, कामयाबी झक मारकर पीछे आएगी' वाला पूरा फलसफा और किरदार इसी असल इंसान से निकलकर आया है।

    फिल्म के मुख्य लेखक अभिजात जोशी ने भी किया था इस घटना का समर्थन

    • 1975 की घटना: फिल्म के मुख्य लेखक अभिजात जोशी ने भी एक अन्य टॉक शो में आमिर खान के इस किरदार के मूल स्रोत के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि साल 1996 में अपनी एक दोस्त के जरिए वे एक ऐसे शख्स से मिले थे, जो साल 1975 में फिल्म इंस्टीट्यूट में किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर पढ़ाई कर रहा था।

    • दस्तावेजों का नहीं था झंझट: दरअसल, उस शख्स के गांव के एक लड़के का चयन फिल्म इंस्टीट्यूट में हुआ था, लेकिन उसने वहां जाने से मना कर दिया। तब इस जुनूनी शख्स ने उस लड़के का एडमिशन फॉर्म ले लिया और उसकी जगह खुद पढ़ने चला गया। उस दौर में आज की तरह कड़े बायोमेट्रिक या डिजिटल आईडी कार्ड्स नहीं होते थे, जिसके कारण किसी को भी इस बात का संदेह नहीं हुआ। जब वह पूरा कोर्स पास करके बाहर निकला, तब जाकर उसके सहपाठियों को इस बात का अहसास हुआ कि वे जिसे पिछले कुछ सालों से किसी और नाम से पुकार रहे थे, वह उसका असली नाम था ही नहीं।

    बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाली कल्ट फिल्म के सीक्वल पर काम शुरू

    राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘3 इडियट्स’ साल 2009 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। रिलीज होते ही इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था और उस दौर में कमाई के सारे ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया था।

    समय के साथ यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की एक कल्ट फिल्म बन गई, जिसे आज भी हर पीढ़ी के दर्शक देखना पसंद करते हैं। इस ब्लॉकबस्टर फिल्म में आमिर खान के अलावा आर माधवन, शरमन जोशी, करीना कपूर, ओमी वैद्य (चतुर) और बोमन ईरानी (वायरस) ने अपनी शानदार अदाकारी से जान फूंक दी थी। सिनेमा प्रेमियों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि इस कल्ट फिल्म की रिलीज के लगभग 17 साल बाद, अब निर्देशक राजकुमार हिरानी इसके मच-अवेकड सीक्वल (3 इडियट्स 2) की स्क्रिप्ट और इसके निर्माण पर तेजी से काम कर रहे हैं।

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