विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अजीत कुड़ी के निरीक्षणों से सरकारी कार्यालयों में हड़कंप, स्कूलों, जेलों और सार्वजनिक संस्थानों में भी चल रहा जागरूकता अभियान
किशनगढ़बास। खैरथल-तिजारा जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुड़ी न्यायिक कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार और आमजन को त्वरित राहत दिलाने की दिशा में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके औचक निरीक्षणों और जनजागरूकता अभियानों से सरकारी विभागों में जवाबदेही बढ़ी है, वहीं आम नागरिकों का विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की “न्याय आपके द्वार” की अवधारणा को धरातल पर उतारते हुए अजीत कुड़ी लगातार सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, जेलों, वृद्धाश्रमों, अन्नपूर्णा रसोई केन्द्रों तथा सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान वे व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं, ताकि आमजन को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें।
सरकारी व्यवस्थाओं में सुधार पर विशेष जोर
प्राधिकरण सचिव ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों के औचक निरीक्षण के दौरान स्पष्ट संदेश दिया है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लगातार निरीक्षणों के कारण सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति में सुधार देखने को मिल रहा है और कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ी है।
अतिक्रमण और जलभराव की समस्याओं पर भी नजर
अजीत कुड़ी केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहर की सड़कों, नालों और सार्वजनिक स्थानों का भी निरीक्षण कर रहे हैं। यातायात जाम और जलभराव जैसी समस्याओं के पीछे अतिक्रमण को प्रमुख कारण मानते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही आम नागरिकों से भी सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण नहीं करने की अपील की, ताकि शहर में सुचारु यातायात और जल निकासी व्यवस्था बनी रहे।
स्कूलों में बच्चों को दी जा रही कानूनी जानकारी
विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम जिले के सरकारी एवं निजी विद्यालयों में शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, कानूनी अधिकारों और सहायता के विभिन्न माध्यमों की जानकारी दे रही है। बच्चों को ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय, साइबर सुरक्षा और कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई जा रही है।
जेलों में बंदियों को मिल रही निःशुल्क कानूनी सहायता
जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को भी विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बंदियों को अपील, जमानत और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के संबंध में जानकारी देकर बताया जा रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय व्यक्ति भी प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
वृद्धाश्रम और अन्नपूर्णा रसोई का भी निरीक्षण
प्राधिकरण सचिव ने वृद्धाश्रमों और अन्नपूर्णा रसोई केन्द्रों का निरीक्षण कर वहां भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई तथा बुजुर्गों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। जहां भी कमियां मिलीं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश जारी किए गए ताकि जरूरतमंद लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय, अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ नियमित समन्वय बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए संयुक्त कार्रवाई भी की जा रही है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
आमजन का बढ़ा विश्वास
लगातार निरीक्षण, जनजागरूकता कार्यक्रमों और कानूनी सहायता शिविरों के कारण आम लोगों में विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रति भरोसा बढ़ा है। लोगों का मानना है कि अब उनकी शिकायतों पर सुनवाई हो रही है और समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल दिखाई दे रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का यह अभियान प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ न्याय को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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