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    हेमंत सोरेन 29 जुलाई से पहले चुनें नया नेता, सूर्य सिंह बेसरा का बड़ा बयान

    जमशेदपुर। झारखंड पीपुल्स पार्टी के संस्थापक और पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने शनिवार को जमशेदपुर परिसदन में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और सामाजिक मुद्दों पर बेबाक टिप्पणी की। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सलाह दी कि वे आगामी 29 जुलाई को एमपी-एमएलए कोर्ट में होने वाली चार्जशीट की कार्यवाही को देखते हुए भविष्य की रणनीति तय करें।

    मुख्यमंत्री के सामने संवैधानिक संकट की आशंका

    सूर्य सिंह बेसरा ने दावा किया कि 29 जुलाई को चार्जशीट दाखिल होने के बाद मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे राज्य में गंभीर राजनीतिक और संवैधानिक संकट उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि चार्जशीट दाखिल होते ही नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना ही एकमात्र विकल्प होता है। बेसरा ने मुख्यमंत्री को आगाह किया कि वे स्थिति के बिगड़ने से पहले ही अपनी उपस्थिति में पार्टी का नया नेता चुन लें ताकि सत्ता का हस्तांतरण सुचारू रूप से हो सके।

    मतांतरण और आरक्षण पर नई नीति की मांग

    पूर्व विधायक ने मतांतरण के संवेदनशील मुद्दे पर अपने विचार रखते हुए कहा कि इसे केवल अनुसूचित जनजाति (एसटी) तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मतांतरण को लेकर एक समान कड़ा नियम लागू हो जो अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अन्य सभी समुदायों पर प्रभावी हो। बेसरा का स्पष्ट मत है कि मतांतरण करने वाले व्यक्तियों को उसके बाद आरक्षण का लाभ मिलना बंद हो जाना चाहिए, ताकि आरक्षण की मूल व्यवस्था की शुचिता बनी रहे।

    सोनम वांगचुक के अनशन पर राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील

    प्रेस वार्ता के अंत में सूर्य सिंह बेसरा ने जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 20 दिनों से आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को त्राहिमाम संदेश भेजकर इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप की अपील की है ताकि आंदोलनकारी का जीवन बचाया जा सके। बेसरा ने यह स्पष्ट किया कि यह आंदोलन सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं बल्कि शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव के लिए है। साथ ही, उन्होंने झारखंड के युवाओं से इस अनशन को समर्थन देने का आह्वान भी किया है।

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