नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर संसद मार्च के दौरान हुए हंगामे के बाद पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज से स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। इस कार्रवाई में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिसके बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और गृहमंत्री अमित शाह से छात्रों के प्रति सहानुभूति दिखाने की अपील की है।
छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद संजय राउत की तीखी प्रतिक्रिया
संजय राउत ने प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सरकार पर क्रूरता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आंदोलनों में प्रदर्शन होना एक सामान्य बात है और पुलिस प्रशासन को बल प्रयोग करने के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए था। राउत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार में बैठे जिम्मेदार लोगों को देश के युवाओं और छात्रों के साथ अपने बच्चों जैसा व्यवहार करना चाहिए और उन्हें सही मार्गदर्शन देना चाहिए।
युवाओं और किसानों के मुद्दों पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए संजय राउत ने कहा कि जंतर-मंतर पर निर्दोष छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं, जो बेहद दुखद है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को देश के युवाओं और किसानों की समस्याओं की कोई चिंता नहीं है और वह केवल अपने मंत्रियों का बचाव करने में लगी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष के अन्य नेताओं के रुख का समर्थन करते हुए कई अन्य राजनीतिक मामलों पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया।
पार्टी सांसदों के रुख पर दिया बड़ा बयान
संसद परिसर में हुई बैठकों और राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के बीच संजय राउत ने अपनी पार्टी के सांसदों के रुख को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विचारधारा के साथ खड़े रहने वाले लोग कभी सौदेबाजी का हिस्सा नहीं बनते। उन्होंने अन्य दलों के साथ चल रही बैठकों और पार्टी के बागियों पर तंज कसते हुए कहा कि सिद्धांतों से समझौता करने वालों को इतिहास कभी माफ नहीं करता।


