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    पेपर लीक अब संगठित कारोबार बन चुका है और इससे मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का विश्वास टूट रहा है- जूली

    पेपर लीक स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर नारेबाजी, सरकारी एजेंसियों को बताया सरकार का ‘तोता’

    अलवर। नीट-2026 पेपर लीक प्रकरण को लेकर बुधवार को अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मालाखेड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्रों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं अलवर ग्रामीण विधायक टीकाराम जूली के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई। इस मुद्दे को लेकर देशभर में राजनीतिक और छात्र संगठनों का विरोध जारी है।

    प्रदर्शन के दौरान मालाखेड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो”, “पेपर माफिया पर कार्रवाई करो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारों के साथ विरोध दर्ज कराया। वहीं अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के चिकानी में भी विरोधस्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया।

    सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

    नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि नीट-2026 का पेपर राजस्थान में लीक हुआ, लेकिन राज्य सरकार ने नौ दिन तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों से लगातार नीट परीक्षा में अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं और बीते वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है।

    जूली ने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि केवल जांच एजेंसी बदल देने से पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

    “सरकारी एजेंसियां सरकार का तोता बन गई हैं”

    टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि सरकारी एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से कार्य करने के बजाय सरकार के प्रभाव में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच पूरी तरह स्वतंत्र नहीं होगी तो छात्रों और अभिभावकों का विश्वास बहाल नहीं हो पाएगा।

    छात्रों के भविष्य का सवाल

    जूली ने कहा कि पेपर लीक अब एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है, जिसका सबसे बड़ा नुकसान मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

    भाजपा सरकार पर साधा निशाना

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनावों के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के बड़े दावे किए गए थे, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो युवाओं का परीक्षा प्रणाली से विश्वास उठ सकता है।

    प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत, हिम्मत चौधरी, नरेंद्र सावत्री मीणा, उमरद्दीन खान, ब्लॉक अध्यक्ष जफरु खान, मोंटू शर्मा, गुड्डू खान, हारून खान, इमरान खान, डालचंद, साजिद खान, दीनबंधु शर्मा, धर्मराज मीणा, रचित कुमार, राहुल पटेल, सिद्धार्थ व्यास, डॉ. गौरव यादव, नवाब खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे।

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