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    लव मैरिज की सजा 21 लाख? खाप पंचायत के कथित फरमान पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

    दौसा:राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र स्थित रामगढ़ पचवारा थाना इलाके के कंवरपुरा गांव में प्रेम विवाह के एक मामले को लेकर आयोजित की गई कथित खाप पंचायत का फैसला बड़े विवादों में घिर गया है। सामाजिक मर्यादाओं की आड़ में बुलाई गई इस पंचायत में प्रेम विवाह करने वाले युवक के परिवार को दोषी ठहराते हुए उन पर 21 लाख रुपये का भारी-भरकम आर्थिक दंड थोप दिया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि पंचायत ने यह फरमान भी सुनाया कि यदि पीड़ित परिवार द्वारा इस मोटी रकम को जल्द जमा नहीं कराया गया, तो पूरे समाज में उनका हुक्का-पानी बंद कर दिया जाएगा और उनका पूर्ण सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।

    सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हुआ मुस्तैद

    कौशी बड़ी आश्रम में आयोजित हुई इस कथित खाप पंचायत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वायरल वीडियो में समाज के कथित पंच-पटेल सरेआम युवक के परिवार पर 21 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की घोषणा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस धनराशि में शादी का पुराना खर्च, जेवरातों की कीमत और अन्य मदों को जबरन शामिल किया गया है। इतना ही नहीं, वीडियो में पंचों द्वारा भविष्य में ऐसे मामलों पर 51 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने की खुली धमकी भी दी जा रही है। वीडियो के संज्ञान में आते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए हैं।

    लापता युवती ने पुलिस के सामने स्वीकारी थी मर्जी, पीड़ित परिवार ने मांगी सुरक्षा

    इस पूरे विवाद की जड़ में एक प्रेम प्रसंग शामिल है। जानकारी के अनुसार, जयपुर क्षेत्र में रहने वाली एक युवती की शादी बीते अप्रैल माह में कंवरपुरा के एक युवक से हुई थी, लेकिन शादी के महज दो महीने बाद वह अपने ससुराल को छोड़कर चली गई और रामगढ़ पचवारा क्षेत्र के एक अन्य युवक के साथ रहने लगी। युवती के अचानक गायब होने पर परिजनों ने जयपुर के कानोता थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी, परंतु जब पुलिस ने युवती को दस्तयाब किया तो उसने आधिकारिक तौर पर बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से उक्त युवक के साथ रह रही है। इसके बावजूद युवती के पहले ससुराल पक्ष की मांग पर यह पंचायत बुलाई गई और अब पीड़ित युवक पक्ष ने सात-आठ नामजद लोगों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।

    थाना प्रभारी ने शुरू की कानूनी जांच, आदिवासी मीना सेवा संघ ने पल्ला झाड़ा

    इस पूरे घटनाक्रम पर रामगढ़ पचवारा थाना प्रभारी मदनलाल ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को वायरल वीडियो और पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिल चुकी है, जिसके आधार पर मामले की गहनता से कानूनी जांच शुरू कर दी गई है। कानून को हाथ में लेने वाले और सामाजिक बहिष्कार की धमकी देने वाले तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी तरफ, इस मामले के तूल पकड़ते ही राजस्थान आदिवासी मीना सेवा संघ, रामगढ़ पचवारा के महामंत्री रामभजन मीना ने एक बयान जारी कर संगठन का पल्ला पूरी तरह झाड़ लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन केवल सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के पक्ष में है और ऐसी किसी भी खाप पंचायत या अवैध आर्थिक दंड का पुरजोर विरोध करता है।

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