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    रामायण पार्ट 2 का इंतजार लंबा, 2028 में पर्दे पर दिखेगी राम-रावण की कथा

    मुंबई। जाने-माने फिल्मकार नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुचर्चित पौराणिक फिल्म ‘रामायण’ का पहला भाग माता सीता के हरण और उसके बाद भगवान राम द्वारा उनकी खोज के संकल्प के साथ संपन्न होता है। फिल्म के पोस्ट-क्रेडिट दृश्यों में भगवान हनुमान की उपस्थिति का आभास कराया गया है, जहां उनकी गूंजती आवाज और पृष्ठभूमि में बजती हनुमान चालीसा ने दर्शकों की उत्सुकता को चरम पर पहुंचा दिया है। अब इस भव्य गाथा के दूसरे भाग में कथा किष्किंधा से आगे बढ़कर लंका तक के सफर को तय करेगी। रामायण महाकाव्य के कई ऐसे रोमांचक और भावनात्मक प्रसंग हैं, जिन्हें सिल्वर स्क्रीन पर जीवंत देखने के लिए दर्शक बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं।

    किष्किंधा से लंका तक के पांच प्रमुख पड़ाव

    फिल्म के आगामी भाग में कई ऐतिहासिक और रोमांचक प्रसंगों को बड़े पर्दे पर उतारा जाएगा। कथा के अनुसार, माता सीता की खोज में निकले श्री राम और लक्ष्मण की भेंट किष्किंधा में हनुमान जी से होती है, जिसके पश्चात सुग्रीव के साथ मित्रता और वानर सेना का गठन होता है। इसके बाद अशोक वाटिका में हनुमान जी और सीता माता की मुलाकात का प्रसंग कहानी को एक गहरा भावनात्मक मोड़ देता है, जहां वे प्रभु राम की अंगूठी सौंपकर उन्हें सुरक्षित लौटने का भरोसा दिलाते हैं। इसके अतिरिक्त, रावण की स्वर्ण नगरी में हनुमान जी द्वारा लंका दहन का दृश्य और वीएफएक्स के माध्यम से तैयार किए जाने वाले विशालकाय लंका दहन के एक्शन सींस फिल्म का मुख्य आकर्षण होंगे।

    रामसेतु का निर्माण और महासंग्राम का रोमांच

    माता सीता को मुक्त कराने के लिए विशाल समुद्र पर रामसेतु का निर्माण और वानर सेना के साथ लंका की ओर प्रस्थान करना फिल्म के पैमाने को और अधिक विशाल बनाएगा। इसके साथ ही, कथा के अंतिम चरण में भगवान राम और रावण के बीच होने वाले महायुद्ध से पूर्व मेघनाद और कुंभकर्ण जैसे पराक्रमी योद्धाओं की चुनौतियां देखने को मिलेंगी। लक्ष्मण और मेघनाद का भयंकर द्वंद्व तथा युद्ध के मैदान में कुंभकर्ण का उतरना इस गाथा को उसके सबसे रोमांचक और निर्णायक पड़ाव तक ले जाएगा, जिसमें अत्याधुनिक एक्शन और वीएफएक्स का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

    वीएफएक्स और भव्यता पर विशेष जोर

    इस फिल्म को सिनेमाघरों में एक अभूतपूर्व दृश्य अनुभव के रूप में पेश करने के लिए दृश्य प्रभावों (वीएफएक्स) पर अत्यंत उच्च स्तर पर कार्य किया जा रहा है। फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा की प्रतिष्ठित कंपनी डीएनईजी (DNEG) इसके विजुअल इफेक्ट्स को संवारने में जुटी है। निर्माताओं के अनुसार, ‘रामायण’ जिस प्रकार के तकनीकी और कलात्मक स्तर की मांग करती है, वैसा कार्य इस वीएफएक्स स्टूडियो ने इससे पहले कभी नहीं किया है। प्राचीन काल की वास्तुकला, किष्किंधा की गुफाओं, लंका की भव्यता और विशाल सेनाओं के युद्ध दृश्यों को पर्दे पर उतारने के लिए टीम नई तकनीकों और अनूठे तरीकों का उपयोग कर रही है।

    वर्ष 2028 की दिवाली पर होगी रिलीज

    मूल रूप से इस बहुप्रतीक्षित फिल्म के दूसरे भाग को वर्ष 2027 में रिलीज किए जाने की योजना थी, किंतु इसकी भव्यता और गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के उद्देश्य से अब इसकी रिलीज को बढ़ाकर दीपावली 2028 तय किया गया है। निर्माताओं का मानना है कि फिल्म के युद्ध दृश्यों और भव्य अंत को सही न्याय देने के लिए टीम को कुछ अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। हालांकि शुरुआत में इस गाथा को तीन भागों में विभाजित करने की योजना बनाई गई थी, किंतु वर्तमान में इसे दो प्रमुख भागों में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया है, हालांकि भविष्य के दर्शकों के रिस्पॉन्स को देखते हुए तीसरे भाग की संभावनाओं के द्वार भी खुले रखे गए हैं।

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