मुंबई: भारत की दिग्गज एसेट मैनेजमेंट कंपनी, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट (SBI Funds Management) शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री करने जा रही है। कंपनी अपने आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के जरिए करीब 1,17,000 करोड़ रुपये ($12.3 अरब) के वैल्यूएशन का टारगेट लेकर चल रही है। निवेशकों के साथ बैठकें पूरी हो चुकी हैं और वैल्यूएशन का दायरा भी तय कर लिया गया है। पूरी उम्मीद है कि जुलाई महीने के मध्य में यह आईपीओ दस्तक दे देगा।
इस तारीख को खुल सकता है IPO
बाजार के जानकारों के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ 13 जुलाई वाले हफ्ते में दांव लगाने के लिए खुल सकता है, जबकि शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग 22 जुलाई तक होने की उम्मीद है। इसके अलावा कंपनी मुख्य आईपीओ से ठीक पहले 'प्री-आईपीओ राउंड' के जरिए भी फंड जुटाने पर विचार कर रही है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने 12 जून को ही कंपनी के ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) को अपनी हरी झंडी दे दी थी, जिसे कंपनी ने इसी साल 19 मार्च को जमा किया था।
प्रमोटर्स बेचेंगे अपनी हिस्सेदारी
यह पूरा आईपीओ 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के तहत लाया जा रहा है। इसका मतलब है कि कंपनी कोई भी नया शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि इसके मौजूदा प्रमोटर्स और निवेशक ही अपने 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे। इस बिक्री से मिलने वाली पूरी रकम सीधे शेयर बेचने वाले निवेशकों के पास जाएगी। ओएफएस के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपनी 6.3% हिस्सेदारी (12.83 करोड़ शेयर) और फ्रांस की अमुंडी इंडिया होल्डिंग अपनी 3.7% हिस्सेदारी (7.53 करोड़ शेयर) बाजार में बेचेगी। फिलहाल कंपनी में एसबीआई की हिस्सेदारी 61.76% और अमुंडी की हिस्सेदारी 36.26% है।
एसबीआई की तीसरी लिस्टेड सब्सिडियरी
साल 1992 में शुरू हुई एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट मार्च 2021 से लगातार देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी बनी हुई है, जिसका म्यूचुअल फंड मार्केट में 15.4% शेयर है। साल 2011 से यह अमुंडी एसेट मैनेजमेंट के साथ एक जॉइंट वेंचर के रूप में काम कर रही है। यदि यह आईपीओ सफल रहता है, तो यह देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) की शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली तीसरी सब्सिडियरी (सहायक कंपनी) बन जाएगी।
वित्तीय मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन
कंपनी की फाइनेंशियल सेहत बेहद मजबूत नजर आ रही है। चालू वित्त वर्ष (अप्रैल-दिसंबर 2025) के शुरुआती 9 महीनों में कंपनी का नेट प्रॉफिट 25.9% की शानदार बढ़त के साथ 2,432.9 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में 1,933 करोड़ रुपये था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी 23% बढ़कर 3,250.6 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेफरीज और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज समेत कई दिग्गज इन्वेस्टमेंट बैंक इस बड़े आईपीओ को सफल बनाने के लिए काम कर रहे हैं।


