More
    HomeराजनीतिNDA में हो सकती है नए सहयोगी की एंट्री, BJP साध रही...

    NDA में हो सकती है नए सहयोगी की एंट्री, BJP साध रही नए सियासी समीकरण

    चंडीगढ़ / नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का कुनबा लगातार मजबूत होता जा रहा है। राज्यसभा में लगभग दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा छूने के बाद एनडीए लोकसभा में भी इसके बेहद करीब पहुंच गया है। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (UBT) में हुई बड़ी टूट के बाद संसद में एनडीए की स्थिति बेहद मजबूत हुई है। इसी बीच, अब भाजपा के लिए पंजाब से भी एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है, जहां अगले साल (2027) विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

    अकाली दल से गठबंधन के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं: नितिन नवीन

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने पंजाब दौरे के दौरान शिरोमणि अकाली दल (SAD) या किसी अन्य अकाली धड़े के साथ भविष्य में होने वाले गठबंधन को लेकर पार्टी का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अकाली दल के साथ दोबारा हाथ मिलाने के रास्ते बंद नहीं हुए हैं, लेकिन इस पर कोई भी अंतिम और बड़ा फैसला सही समय आने पर ही लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पंजाब इकाई (कैडर) को कड़ा संदेश देते हुए हिदायत दी है कि कोई भी नेता अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन को लेकर सार्वजनिक रूप से बयानबाजी न करे।

    कृषि कानूनों के कारण 2020 में टूटा था दो दशक पुराना नाता

    गौरतलब है कि साल 2020 में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल ने भाजपा और एनडीए से अपना करीब दो दशक पुराना ऐतिहासिक नाता तोड़ लिया था। हालांकि, लोकसभा में वर्तमान में अकाली दल का भले ही सिर्फ एक सांसद हो, लेकिन पंजाब की जमीनी सियासत में दोनों दलों का साथ आना एक बड़ा उलटफेर साबित हो सकता है। राज्य के बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में, जहां इस समय आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में वापसी की कोशिश कर रही है, भाजपा अध्यक्ष के इस बयान ने भविष्य के नए समीकरणों की गुंजाइश को जिंदा रखा है।

    अगले 6 महीने सिर्फ संगठन और सभी 117 सीटों पर फोकस

    पार्टी की चुनावी रणनीति का खुलासा करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करना चाहती है। उन्होंने साफ किया कि पार्टी ने फिलहाल अकेले आगे बढ़ने की रणनीति तय की है और अगले 6 महीनों तक भाजपा हर विधानसभा क्षेत्र में पूरी मजबूती के साथ जनता से जुड़े मुद्दों को उठाएगी।

    भाजपा अध्यक्ष का मुख्य बयान: "फिलहाल हम अपनी खुद की ताकत बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आज की तारीख में हम अकाली दल के साथ गठबंधन के न तो पक्ष में हैं और न ही इसके खिलाफ हैं। जब चुनाव नजदीक आएंगे, तब जमीनी स्थिति का आकलन करके ही कोई फैसला लिया जाएगा।"

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here