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    बिहार में क्रिकेट का नया तूफान! 55 चौके-8 छक्कों से 306 रनों की ऐतिहासिक पारी

    पटना। बिहार की खेल प्रतिभाएं इन दिनों क्रिकेट की दुनिया में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। जहां 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 के मंच पर अपनी तूफानी बल्लेबाजी से खूब वाहवाही लूटी थी, वहीं अब सूबे की एक और उभरती हुई बेटी ने अपने अविश्वसनीय खेल से इतिहास रच दिया है। पूर्वी चंपारण की रहने वाली 19 वर्षीय महिला बल्लेबाज अक्षरा गुप्ता ने अंडर-19 क्रिकेट के एक मुकाबले में ऐतिहासिक तिहरा शतक (ट्रिपल सेंचुरी) जड़कर सनसनी फैला दी है। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित अंडर-19 वनडे ट्रॉफी के एक मैच में अक्षरा ने विरोधी टीम के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 126 गेंदों का सामना कर 306 रनों की एक ऐसी बेमिसाल पारी खेली, जो लंबे समय तक खेल प्रेमियों के जेहन में दर्ज रहेगी।

    महज 126 गेंदों में 55 चौकों और 8 छक्कों से सजाई त्रिशतकीय पारी

    भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड स्टेडियम में 18 जून को खेले गए इस एकदिवसीय मुकाबले में अक्षरा गुप्ता ने क्रीज पर उतरते ही बेहद आक्रामक तेवर दिखाए। टीम-ए की तरफ से बतौर सलामी बल्लेबाज मैदान में उतरीं अक्षरा ने पहली ही गेंद से चौकों-छक्कों की बारिश शुरू कर दी। उन्होंने महज 16 गेंदों में अपना पचासा ठोक दिया और इसके बाद रफ्तार को और बढ़ाते हुए सिर्फ 34 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया। शतक पूरा होने के बाद भी उनका बल्ला थमा नहीं और उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। अपनी 306 रनों की इस जादुई पारी में अक्षरा ने 55 दर्शनीय चौके और 8 गगनचुंबी छक्के जड़े, जिसे देखकर मैदान में मौजूद हर कोई दंग रह गया।

    टीम-ए का 450 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर और 329 रनों की एकतरफा जीत

    अक्षरा गुप्ता के इस ऐतिहासिक तिहरे शतक के अलावा टीम की दूसरी खिलाड़ी सलोनी कुमारी ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 57 रनों का उपयोगी योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत टीम-ए ने निर्धारित ओवरों के खत्म होने पर 450 रनों का एक विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। इतने बड़े और नामुमकिन से लक्ष्य का पीछा करने उतरी विरोधी टीम-सी की शुरुआत बेहद खराब रही और वे शुरुआत से ही भारी मानसिक दबाव में नजर आईं। टीम-सी की पूरी बल्लेबाजी लाइन-अप ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और पूरी टीम 21.3 ओवरों में महज 121 रन बनाकर सिमट गई, जिसके चलते टीम-ए ने यह मैच 329 रनों के विशाल अंतर से अपने नाम कर लिया।

    भाई से मिली प्रेरणा और महिला क्रिकेट में भविष्य की नई उम्मीद

    इस शानदार रिकॉर्डतोड़ पारी के बाद अक्षरा गुप्ता ने अपनी इस खेल यात्रा के संघर्षों को साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें क्रिकेट खेलने की मुख्य प्रेरणा अपने भाई को देखकर मिली थी, जिसके बाद परिवार के पूरे समर्थन से उन्होंने इस खेल को पेशेवर तौर पर अपनाया। पिछले दो सालों से बिहार की राज्य टीम का हिस्सा रहीं अक्षरा का इस मैच से पहले अंडर-15 में सर्वोच्च स्कोर 75 रन और अंडर-19 में 60 रन था। उनकी इस असाधारण क्षमता और लंबी पारी खेलने की भूख को देखते हुए खेल विशेषज्ञ अब उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट की भविष्य की स्टार मान रहे हैं, जो आने वाले समय में स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर जैसी दिग्गज खिलाड़ियों के पदचिह्नों पर चलकर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

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