रायपुर। दीवाली के पावन पर्व के अवसर पर राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के प्रमुख बाजारों में जबरदस्त रौनक और चहल-पहल देखने को मिल रही है। सुबह से लेकर देर रात तक बाजारों में ग्राहकों का तांता लगा हुआ है और लोग अपने घरों, प्रतिष्ठानों तथा पूजा स्थलों को सजाने-संवारने के लिए जमकर खरीदारी कर रहे हैं। घरों की दीवारों से लेकर देवालयों तक, हर कोने को आकर्षक रोशनी, दीपों और पारंपरिक रंगों से जगमगाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
प्रमुख बाजारों में उमड़ी भीड़ और देसी कल्चर का क्रेज
रायपुर शहर के मालवीय रोड, सदर बाजार, शंकर नगर, भाठागांव, रायपुरा, आमापारा, लाखे नगर चौक, पुरानी बस्ती कालीबाड़ी, सिटी कोतवाली और महावीर नगर जैसे व्यस्त इलाकों में सजावटी वस्तुओं की विशाल दुकानें सजी हुई हैं, जहां खरीदारों का भारी सैलाब उमड़ रहा है। इस बार के त्योहारी सीजन में सबसे बड़ा ट्रेंड 'देसी कल्चर' और पारंपरिक हस्तशिल्प का बना हुआ है, जिसे लोग बेहद पसंद कर रहे हैं। बाजारों में पारंपरिक कला और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
राजस्थानी और बंगाली कारीगरों के कलात्मक उत्पादों की धूम
इस त्योहारी बाजार में राजस्थान और कोलकाता के कुशल कारीगरों के हाथों से तैयार किए गए लेटेस्ट और ट्रेंडी सजावटी सामान अपनी विशेष चमक बिखेर रहे हैं। ये उत्पाद न केवल दिखने में बेहद खूबसूरत और मनमोहक हैं, बल्कि आम जनता के बजट के अनुकूल किफायती कीमतों पर उपलब्ध हैं। राजस्थान के जयपुर से हर साल की भांति इस बार भी रायपुर पहुंचे कारीगर राजिंदर पिछले वर्ष 2018 से लगातार दीवाली के समय यहां आते रहे हैं और स्थानीय ग्राहकों को विशेष हस्तनिर्मित (हैंडमेड) डेकोरेशन आइटम्स उपलब्ध करा रहे हैं। उनके द्वारा लाए गए सभी सामान उनके पैतृक गांवों के कारीगरों द्वारा तैयार किए गए हैं, जो राजस्थानी पारंपरिक कला का बेहतरीन नमूना हैं।
किफायती दाम और आकर्षक सजावटी सामानों की श्रृंखला
स्थानीय बाजारों में खरीदारी को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। भाठागांव बाजार के व्यापारी छोटू साहू ने जानकारी दी कि घरों के मुख्य दरवाजों को सजाने के लिए सुंदर तोरण मात्र 200 से 250 रुपये की किफायती कीमत पर उपलब्ध हैं, जबकि अन्य जगहों पर इनकी कीमत थोड़ी अधिक है। इसके अलावा छोटी घंटी वाली लड़ियों के दो पीस 150 रुपये में मिल रहे हैं। लकड़ी पर उकेरी गई गणेश जी की आकृति वाले बड़े घंटे सामान्यतः 350 रुपये के होते हैं, जिन्हें दीवाली के विशेष ऑफर के तहत मात्र 250 रुपये में बेचा जा रहा है। घरों के आंतरिक हिस्सों को संवारने के लिए झूमर, विशेष मंदिर की लड़ियाँ और मोगरा के फूलों जैसे दिखने वाले आकर्षक प्लास्टिक फ्लावर की लड़ियाँ भी 120 से 150 रुपये की रेंज में खूब बिक रही हैं। रायपुर के नागरिकों में इन पारंपरिक और हस्तनिर्मित सजावट सामग्रियों को लेकर विशेष उत्साह है, और महिला-युवा सभी अपने आशियानों को सजाने में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।


