नई दिल्ली। वैश्विक बाजार के मौजूदा रुझानों और आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए आने वाले समय में सोने की कीमतों में नए रिकॉर्ड स्तर देखने को मिल सकते हैं। वित्तीय विश्लेषकों का अनुमान है कि अगले छह से बारह महीनों की अवधि में घरेलू सर्राफा बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव 1.68 लाख रुपये के स्तर तक पहुंच सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बनी अनिश्चितता और निवेशकों के लगातार आकर्षण के कारण कीमती धातुओं की कीमतों को लगातार समर्थन मिल रहा है।
कीमतों में गिरावट को विश्लेषक मान रहे निवेश का सुअवसर
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज द्वारा जारी एक ताजा अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, यदि आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में कोई अस्थायी गिरावट या नरमी आती है, तो वह निवेशकों के लिए खरीदारी का एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि मध्यम अवधि में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,500 से 4,700 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार कर सकता है। वहीं, भारतीय बाजार के संदर्भ में निकट अवधि के लिए सोने का संभावित लक्ष्य 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम निर्धारित किया गया है।
धनतेरस पर कमजोर मांग से दामों में आई नरमी
दूसरी ओर, त्योहारी सीजन के दौरान दिल्ली के सर्राफा बाजार में धनतेरस के दिन ग्राहक मांग में आई सुस्ती के कारण सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय बाजार में सोना 2,500 रुपये सस्ता होकर 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। इसके साथ ही चांदी की दरों में भी नरमी देखी गई, जहां इसके दाम 2,000 रुपये घटकर 1,92,500 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किए गए।
ऊंचे दामों के कारण ग्राहकों में बनी सतर्कता की स्थिति
आभूषण और सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि बीते वर्ष की तुलना में इस बार धनतेरस के अवसर पर बिक्री के आंकड़ों में कोई विशेष उछाल देखने को नहीं मिला है। आभूषण विक्रेताओं के अनुसार, बहुमूल्य धातुओं के ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर पहुंचे दामों और भविष्य में कीमतों में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर फैली अनिश्चितता के कारण ग्राहक खरीदारी को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं और सीमित मात्रा में ही लेन-देन कर रहे हैं।


