मुंबई | महाराष्ट्र की सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर जारी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। शिवसेना (शिंदे गुट) के कद्दावर नेता और विधायक अब्दुल सत्तार ने अपनी ही सहयोगी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। सत्तार ने दावा किया कि जमीनी स्तर पर शिवसेना को पूरी तरह समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने भाजपा के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के रवैये को एक 'धीमा जहर' करार दिया, जो गठबंधन को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है। शिवसेना विधायक ने अपनी व्यथा जाहिर करते हुए कहा कि राज्य में भले ही भाजपा का मुख्यमंत्री है और वे हमारे साथी हैं, लेकिन जिला स्तर पर उनके लोग शिवसेना को मजबूत करने के बजाय दरकिनार कर अपनी सत्ता चमकाने में जुटे हैं।
स्थानीय निकायों से शिवसेना का वजूद मिटाने का प्रयास, पिछले 18 महीनों में बदला रवैया
अब्दुल सत्तार ने सत्ता के दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिन महानगरपालिकाओं, जिला परिषदों और नगर पालिकाओं पर कभी शिवसेना का एकछत्र दबदबा हुआ करता था, वहां अब भाजपा ने सुनियोजित तरीके से अपना कब्जा जमा लिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सत्ता का उपयोग सहयोगियों को साथ लेकर चलने के लिए होना चाहिए, न कि उन्हें खत्म करने के लिए। सत्तार ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि शुरुआती ढाई सालों में जब एकनाथ शिंदे सूबे के मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें इन बातों का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था। मगर पिछले 18 महीनों से वे जिस तरह की कार्यशैली और रवैया देख रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है और इससे उनके कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष व्याप्त है।
शिंदे और फडणवीस से न्याय की गुहार, कूटनीतिक इशारों में दी 'तूफान' आने की चेतावनी
पार्टी के वजूद पर मंडराते संकट को देखते हुए अब्दुल सत्तार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से इस संवेदनशील मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि इस विषय पर दोनों दलों के बीच खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि गठबंधन की साख बची रहे। अपने नेता एकनाथ शिंदे का बचाव करते हुए उन्होंने कूटनीतिक अंदाज में कहा कि हमारे शीर्ष नेता ने कम शब्दों में बहुत बड़ा संदेश दे दिया है। सत्तार ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आज भले ही सब शांत दिख रहा हो, लेकिन जब एकनाथ शिंदे कोई कड़ा फैसला लेंगे तो राजनीति में बड़ा तूफान आना तय है।
ढ़ाई साल बाद फिर मुख्यमंत्री बनेंगे एकनाथ शिंदे, 'मातोश्री' के रिमोट कंट्रोल पर साधा निशाना
भविष्य की राजनीति पर बड़ा दावा करते हुए अब्दुल सत्तार ने कहा कि हो सकता है कि आगामी ढाई साल के कार्यकाल के बाद एकनाथ शिंदे एक बार फिर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कमान संभालें। ठाकरे परिवार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उद्धव बालासाहेब ठाकरे की पार्टी का रिमोट कंट्रोल जहां 'मातोश्री' के हाथ में है, वहीं हमारी असली शिवसेना का रिमोट पूरी तरह एकनाथ शिंदे के पास है। दोनों गुटों के भविष्य में एक होने की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है, कल को राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे भी साथ आ सकते हैं। फिलहाल चुनाव के संदर्भ में नामांकन फॉर्म वापस लेने का जो भी आलाकमान का आदेश आया है, उसका पूरी निष्ठा से पालन किया जाएगा।


