More
    Homeराज्ययूपीचार हत्या के बाद घर में बंद हुआ आरोपी, बच्चों की सुरक्षा...

    चार हत्या के बाद घर में बंद हुआ आरोपी, बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने संभाला मोर्चा

    आजमगढ़। जिले के अहरौला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शंभूपुर में पत्नी एवं दो अन्य लोगों की गोली मारकर हत्या करने के बाद तीन मासूम बच्चों को बंधक बनाने वाले आरोपी अरविंद कुमार को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद ढेर कर दिया। लगभग सात घंटे तक चले मान-मनौव्वल और तनावपूर्ण घटनाक्रम के उपरांत जब कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज आई, तो पुलिस टीम ने तत्काल ऑपरेशन शुरू कर आरोपी को बेअसर किया और दो बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    पूजा-अनुष्ठान के दौरान उपजे विवाद से हुई खूनी वारदात

    प्राप्त विवरण के अनुसार, जघन्य घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार को आरोपी के घर में अपने दिवंगत भाई की आत्मशांति व प्रेत बाधा निवारण हेतु आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के चौथे दिन हुई। अनुष्ठान के दौरान हुए तीखे विवाद के बाद आरोपी अरविंद सिंह ने कथित रूप से अपनी पत्नी बबिता सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके पश्चात उसने पूजा करा रहे दो पुरोहितों अखिलेश मिश्रा और महेंद्र पाठक को भी गोलियों से भून डाला।

    तीन मासूम बच्चों को कमरे में बनाया बंधक

    त्रिप्रकार की हत्याओं को अंजाम देने के पश्चात आरोपी अपने तीन मासूम बच्चों और लाइसेंसी रिवॉल्वर के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया। पुलिस अधिकारियों, स्वाट (SOG) टीम और परिजनों ने करीब सात घंटे तक आरोपी से संवाद स्थापित कर आत्मसमर्पण करने तथा बच्चों को सुरक्षित छोड़ने की निरंतर अपील की। इस दौरान आरोपी बच्चों को भी जान से मारने की धमकियां देता रहा।

    अचानक गोली की आवाज और पुलिस का त्वरित ऑपरेशन

    काफी समय तक समझाने-बुझाने के क्रम के बीच अचानक कमरे के अंदर से फायर होने की ध्वनि सुनाई दी। बच्चों के जीवन पर मंडराते प्रत्यक्ष खतरे को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, एसओजी प्रभारी संजय सिंह एवं आरक्षी प्रदीप ने स्टन ग्रेनेड व अश्रु गैस का प्रयोग करते हुए कमरे का दरवाजा तोड़ा और भीतर प्रवेश किया।

    पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग और आत्मरक्षार्थ कार्रवाई

    पुलिस के अंदर दाखिल होते ही आरोपी अरविंद सिंह ने अपनी छह-राउंड वाली लाइसेंसी रिवॉल्वर से पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ चार-पांच राउंड गोलियां चला दीं। पुलिस बल ने त्वरित आत्मरक्षार्थ एवं बच्चों की सुरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    मासूम बेटे की इलाज के दौरान मौत, दो बच्चियां सुरक्षित

    कमरे के भीतर का दृश्य अत्यंत हृदयविदारक था। आरोपी का 9 वर्षीय पुत्र शौर्य सिंह पहले ही गोली लगने से गंभीर रूप से लहूलुहान अवस्था में मिला। उसे तत्काल लाइफ लाइन अस्पताल पहुंचाया गया, किंतु इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस टीम ने कमरे से 10 वर्षीय पुत्री परी और 6 माह की दूधमुंही बच्ची को सकुशल बचा लिया। बड़ी बच्ची को मामूली खरोंचें आई हैं।

    मानसिक अस्वस्थता और उच्चाधिकारियों की मौजूदगी

    परिजनों के अनुसार, अरविंद की मानसिक स्थिति विगत कुछ समय से सामान्य नहीं थी और इसी कारण पांच दिवसीय अनुष्ठान कराया जा रहा था। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है तथा फॉरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (वाराणसी जोन) नवीन अरोड़ा एवं डीआईजी (आजमगढ़ परिक्षेत्र) सुनील कुमार सिंह ने घटनास्थल पर स्वयं पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here