सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से मचा कोहराम थमने का नाम नहीं ले रहा है। 6 सितंबर से शुरू हुआ मौतों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी बीच, पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए राम सिंह लोधी की भी जहरीली शराब का सेवन करने से इलाज के दौरान बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आरोपी गांव में अवैध रूप से शराब बेचता था और उसने खुद भी वही जहरीली शराब पी ली थी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई थी।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप, पुलिस और आबकारी अधिकारियों पर गिरी गाज
इस गंभीर घटनाक्रम के सामने आने के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन लगातार कड़े कदम उठा रहा है। लापरवाही के मामले में अब तक कई थाना प्रभारियों, एसडीएम, एसडीओपी और आबकारी विभाग के अधिकारियों को पदों से हटा दिया गया है। शासन की ओर से दिए गए संकेतों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में अभी और भी कई वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और गाज गिरना तय माना जा रहा है।
कई थानों में ठेकेदारों और सरपंच समेत 14 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज
पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए बंडा और विनायका सहित विभिन्न थानों में मामले दर्ज किए हैं। इनमें लाइसेंसी ठेकेदार यशवंत सिंह ठाकुर (बंबइया व्हिस्की) और सिद्धार्थ कुशवाहा (सागर गोल्ड) के अलावा ततरवारा के सरपंच चंदू उर्फ चंद्रभान राजपूत, अरविंद यादव, भगवान सिंह, मानसिंह अहिरवार, रोहित शिवहरे, राघवेंद्र, धर्मेंद्र और सोहन राजपूत समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 14 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है और नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) व आबकारी अधिनियम की संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है।
13 लोगों की आधिकारिक मौत, 30 से अधिक पीड़ित अस्पतालों में भर्ती
सागर जिले के इस दर्दनाक हादसे में जहरीली शराब पीने से अब तक आधिकारिक तौर पर 13 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा गंभीर रूप से प्रभावित लगभग 30 लोगों का इलाज सागर और भोपाल के विभिन्न चिकित्सालयों में लगातार जारी है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।


