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    किसानों के विरोध के बाद सरकार ने केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट के पास जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना वापस ली

    कर्नाटक : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने किसानों के विरोध के बाद बंगलूरू में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास देवनहल्ली में 1777 एकड़ कृषि भूमि अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना वापस लेने का एलान किया है।  सिद्धरमैया ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रारंभिक और अंतिम अधिसूचनाएं पहले ही जारी कर दी गई हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा, हमने 1777 एकड़ जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना पूरी तरह से रद्द कर दी है। हालांकि, हम उन भूखंडों को स्वीकार करेंगे, जो किसान औद्योगिक विकास के लिए स्वेच्छा से देने को तैयार हैं।  यह निर्णय परियोजना के फायदे और नुकसान के विस्तृत मूल्यांकन के बाद लिया गया। जिन मामलों में किसान अपनी जमीन देने के लिए आगे आते हैं, वहां जमीन अधिग्रहण नहीं रोका जा सकता।

    उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। यह जमीन अधिग्रहण इसी उद्देश्य से किया गया है और हम उचित मुआवजा देंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार विकसित भूमि का 50 प्रतिशत किसानों को वापस कर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा, हम ऐसी किसी भी भूमि को छोड़ देंगे, जिसके मालिक उसे देने को तैयार नहीं हैं। वास्तव में, हम पूरी अधिसूचना ही वापस ले रहे हैं। 

    सिद्धरमैया ने कहा कि उन्होंने किसानों, जनप्रतिनिधियों और प्रदर्शनकारियों को इस फैसले से अवगत करा दिया है, जिन्होंने इसका स्वागत किया है। इसके साथ ही सीएम सिद्धारमैया ने यह भी साफ कर दिया कि यह फैसला केवल देवनहल्ली पर लागू होगा, राज्य के अन्य हिस्सों पर नहीं। उन्होंने कहा कि चूंकि यह जमीन केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास हरित क्षेत्र में स्थित है, इसलिए किसानों ने सरकार से इसे अधिगृहीत न करने का आग्रह किया था और इस योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था।

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