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    Homeराज्यबिहारभाषा विवाद के बाद JAC और JSSC से मांगा गया सुझाव

    भाषा विवाद के बाद JAC और JSSC से मांगा गया सुझाव

    रांची। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा प्रस्तावित झारखंड शिक्षा पात्रता परीक्षा (जेटेट) नियमावली-2025 में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है।

    अब विवाद उत्पन्न होने के बाद अब इस पर डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान, रांची, झारखंड अधिविद्य परिषद, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग तथा जेसीईआरटी से सुझाव मांगा गया है।

    विभाग ने गुरुवार को इन संस्थानों को नियमावली का प्रारुप भेजकर उसपर सुझाव मांगा है। इससे पहले विभाग ने पांच जून को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों तथा जिला शिक्षा अधीक्षकों को प्रारुप भेजकर उसपर सुझाव मांगा था।

    विभाग ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जेटेट नियमावली अभी प्रारंभिक चरण में है। इसका अभी प्रारुप ही तैयार हुआ है, जिसपर उक्त संस्थानों तथा जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों से सुझाव मांगा गया है।
    प्रारुप पर प्राप्त होने वाले सुझाव पर अमल कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। विभाग ने सर्वसाधारण से कहा है कि नियमावली को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम या संशय में नहीं रहा जाए, क्योंकि अभी यह प्रारंभिक अवस्था में ही है।

    बताते चलें कि नियमावली का प्रारुप वायरल होने के बाद विभिन्न जिलों में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा के निर्धारण पर विवाद होने लगा। कहा जाने लगा कि कई जिले ऐसे हैं, जहां की क्षेत्रीय भाषा को नियमावली में सम्मिलित नहीं किया गया।
    इधर, राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर पलामू और गढ़वा में भोजपुरी भाषा को सम्मिलित करने का अनुरोध किया।

    दरअसल, जिलावार निर्धारित भाषा में पलामू और गढ़वा में कुडुख और नागपुरी को सम्मिलित किया गया है, जबकि वहां भोजपुरी भी बोली जाती है। इसी तरह, संताल के जिलों में संथाली, बांगला के अलावा खोरठा को सम्मिलित किया गया है, जबकि वहां वह भाषा बोली ही नहीं जाती।

    कार्मिक विभाग द्वारा निर्धारित भाषा को प्रारुप में किया गया सम्मिलित
    जेटेट नियमावली के प्रारुप में जिलावार जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा काे कार्मिक विभाग द्वारा 10 मार्च 2023 को निर्धारित जिलावार भाषा को ही अपनाया है। प्रस्तावित नियमावली में बकायदा इसका उल्लेख किया गया है।

    30-30 अंकों के होंगे भाषा के प्रश्न
    प्रस्तावित नियमावली में कक्षा एक से पांच तथा कक्षा छह से आठ दोनों के लिए आयोजित होनेवाली जेटेट परीक्षा में कुल 150 अंकों की परीक्षा में भाषा-एक तथा भाषा-दो के 30-30 प्रश्न निर्धारित किए गए हैं।

    भाषा-एक में हिंदी, संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी में से कोई दो भाषा का चयन करना है। उर्दू सहायक आचार्य के लिए एक भाषा उर्दू का चयन करना होगा। वहीं, भाषा-दो में कार्मिक विभाग द्वारा अधिसूचित जिलावार जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में भाषा-एक की भाषाओं (हिंदी, संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी) को छोड़कर एक भाषा का चयन करना है।

    हालांकि, इसमें यह भी कहा गया है कि कार्मिक विभाग द्वारा समय-समय पर जिलावार निर्धारित जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में परिवर्तन करने पर वह लागू होगा। इस तरह, इसमें कोई भी परिवर्तन कार्मिक विभाग को भी करना होगा।

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